दो डॉक्टरों के प्रेम संबंध ने उन्हें बना दिया अपराधी…

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झांसी:- फिल्मी रोमांस ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। दो बच्चों से उनके मां-बाप को छीन लिया गया। प्यार के नाम पर मौत का सौदा करने वाले प्रेमी और प्रेमिका ने हत्या अंजाम दी और बाद में एक दूसरे से शादी कर ली। हालांकि प्रेमिका इन दिनों सलाखों के पीछे है, जबकि हत्यारा पति पुलिस की पकड़ से फरार है,
मामला कुछ इस प्रकार है शादीसुदा डॉ विमल शुक्ला ने अपने पड़ोस में रहने वाली डॉ सुरक्षा त्यागी के साथ प्रेम संबंध बनाए। डॉ सुरक्षा त्यागी जानती थी कि डॉ विमल शुक्ला की शादी वर्ष 2004 में कोंच में रहने वाली अलका के साथ हो चुकी है । डॉ सुरक्षा त्यागी के पति डॉ अनुज दिल्ली में प्रैक्टिस करते थे। डॉ विमल शुक्ला और डॉ सुरक्षा के बीच प्यार की आंधी जल्द ही खतरनाक मोड़ पर आ पहुंची। डॉ विमल की पत्नी को जब ये बात मालूम हुई कि डॉ सुरक्षा उसे अपनी सौतन मानती है तो उसने विरोध किया। उड़ती हुई जानकारी दिल्ली में डा0 अनुज त्यागी को भी मिली। जिसके बाद डा0 सुरक्षा और डा0 विमल के अवैध सम्बन्ध पर खतरे बांदल मंडराने लगे। 2008 में इस मर्डर मिस्ट्री की पटकथा लिखी गई। मेरठ की डा0 सुरक्षा दिल्ली के डा0 अनुज त्यागी के बीच अनबन का माहौल बन हुआ था, जिसके बाद डा0 सुरक्षा झांसी के मेडिकल काॅलेज में रहने लगी यहां सुरक्षा के बेटे और डा0 विमल की मासूम बेटी के बचपन को तबाह करते हुए उसकी मां का हत्या का प्लान किया गया, डा0 विमल को अपनी शादी के सात साल पूरे होने के बाद अलका की हत्या करनी थी। स्क्रिप्ट पर काम हुआ अचानक वर्ष 2009 में दिल्ली में रहस्मय तरीके से डा0 अनुज की मौत हो गयी। सन 2011 में डा0 विमल की पत्नी अलका को कई माह तक धीमा जहर देकर मौत के घाट उतारा गया। अब तक अलका की मासूम बेटी अपनी मां खो चुकी थी और डा0 अनुज का बेटा हमेशा के लिए अपने बाप से दूर हो चुका था। डा0 विमल ने डा0 सुरक्षा से शादी कर ली और झांसी के मेडिकल काॅलज के पास क्लीनिक खोलकर एक दूसरे की बांहों में जीवन गुजारने लगे। सुरक्षा के पति की मौत पर भी सस्पेंस है।
अलका के भाई धीेरेन्द्र तिवारी ने हत्या के इस मामले की पैरवी कर पुलिस से शिकायत की। जिसमें एफ आर लगा दी। धीरेन्द्र ने हिम्मत नहीं हारी और न्यायालय की शरण ली। पीड़ित ने सीजेएम जालौन में आपत्ति लगायी। जिसमें साक्ष्यों के आधार पर विमल शुक्ला और सुरक्षा त्यागी को धारा 304 के तहत तलब किया गया। जिसमें न्यायालय द्वारा वारंट भेजे जाने के बावजूद पेशी नहीं हुई। निष्पक्ष पड़ताल में जालौन में न्यायालय द्वारा आरोप सिद्ध होने पर प्रेमिका डा0 सुरक्षा को जेल भेज दिया गया है। जबकि मुख्य आरोपी डा0 विमल शुक्ला अभी भी फरार बताया गया है, जिसके खिलाफ कोर्ट द्वारा गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो डा0 विमल पुलिस की आंखों में धूल झोंककर मेडिकल काॅलेज के गेट नंबर एक के पास प्रैक्टिस कर रहा है और खुलेआम घूम रहा है।
शातिराना अंदाज में हत्या जैसी जघन्य वारदात अंजाम देते वाली डा0 सुरक्षा त्यागी ने उस वक्त तक इंतजार किया जब तब धारा 82 की तलवार सिर पर नहीं लटकने लगी। डा0 सुरक्षा ने कुछ दिन पूर्व सरेंडर कर दिया। न्यायालय ने डा0 सुरक्षा का जमानती पत्र खारिज कर दिया गया। इधर फरार चल रहे डा0 विमल शुक्ला के खिलाफ धारा 82 के तहत गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।

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