पुलिस कार्यवाही से बचने को आरोपी अपराधी ने खुद को गोली मारी..

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झाँसी। थाना सदर बाजार अंतर्गत सदर थाने के पीछे रहने वाली एक युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज झांसी में भर्ती कराया गया। युवक का नाम राहुल अहिरवार है। मामला रविवार देर रात का है जब सदर थाने के पीछे रहने वाले राहुल अहिरवार अपने घर पर था। आरोप है कि इस दौरान सदर बाजार थाने में तैनात एक दरोगा अपने एक अन्य सिपाही के साथ उसके घर पर आया। जिसने राहुल अहिरवार को गैंगस्टर कार्रवाई को लेकर वांछित बताया। इस बात पर वक्त दरोगा और राहुल अहिरवार में कहासुनी हो गई। जिस पर उप दरोगा नाराज हो गया और उसने राहुल से पर किसी बंदूक से फायर कर दिया। जिससे एक गोली राहुल के पेट को छूते हुए निकल गई। जिसके बाद राहुल को आनन-फानन में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसको खतरे से बाहर बताया। राहुल अहिरवार ने अपने बयान में बताया की उसको पहले भी एक हत्या के मामले में पुलिस ने जेल भेज दिया था। अभी हाल में ही राहुल जेल से जमानत पर रिहा हुआ है। राहुल ने आरोप लगाया की पुलिस उसको जबरन गैंगस्टर की कार्रवाई कर रही है। राहुल ने बताया की हत्या के मामले में अभी आरोप सिद्ध भी नहीं हुआ है ऐसे में पुलिस द्वारा गैंगस्टर की कार्यवाही कर उसके भविष्य खिलवाड़ किया जा रहा है। वही इस मामले में एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दिनेश सिंह ने बताया कि आचार संहिता के वक्त पुलिस शातिर अपराधियों को पबान्द करती है, हो सकता है कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की गई हो जिसकी वजह से ऐसी घटना घटी है। दिनेश सिंह ने कहा गोली किसने चलाई इसकी जांच की जा रही है। वही इस घटना के चलते इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि पुलिस आचार संहिता लागू होने के बाद शातिर अपराधियों पर चुनाव में गड़बड़ी दफनाने के एवज में पावन करती भी हो तो भी सवाल यह उठता है, कि जिस व्यक्ति पर हत्या का दोष साबित नहीं हुआ हो ऐसे में उस व्यक्ति पर गैंगस्टर की कार्रवाई करना पुलिस की पूरी कार्यवाही पर सवालिया निशान लगाता है। चूँकि मामला पुलिस प्रशाशन का ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जाँच कितनी निष्पक्ष होती है।