आपसी लड़ाई का कारण बना बबीना सीट का परिवर्तन..

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झाँसी के बबीना विधानसभा सीट पर अखिलेश की लिस्ट में सपा से पूर्व कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के पुत्र यशपाल सिंह यादव के नाम पर मुहर लगना लगभग तय है माना जा रहा है सोशल मीडिया के माध्यम से यशपाल सिंह यादव को बबीना विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किए जाने को लेकर बधाईयों का सिलसिला शुरु हो गया। जबकि सपा से घोषित प्रत्यासी पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह के नाम पर पिछले दिनों झांसी आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंच के माध्यम से श्याम सुंदर का हाथ खड़ा करके बबीना विधानसभा सीट से उनके नाम की मोहर लगाते हुए बुंदेलखंड या बबीना से खुद के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया था। मगर सिंबल की लड़ाई को लेकर उठे विवाद में अखिलेश गुट के साथ पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव साथ खड़े रहे और जब विवाद पर मुख्य चुनाव आयोग ने विराम लगाते हुए अखिलेश यादव को पार्टी का चुनाव चिन्ह पार्टी पर अधिकार अखिलेश यादव को देते हुए विराम लगा दिया फिर ऐसे में शिवपाल कोटे से घोषित प्रत्याशी पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह का काटना तय हो गया उनके स्थान पर बबीना विधानसभा सीट से यशपाल सिंह यादव को टिकट मिला क्या हो गया इस सूचना के आते ही चंद्रपाल के समर्थकों और यशपाल सिंह के चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई और मिठाई खिलाने और बांटने का सिलसिला शुरु हो गया

यशपाल सिंह की टिकट को लेकर जहां नगर में चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया लोगों में चर्चा है कि श्याम सुंदर सिंह का टिकट कटने का कारण श्याम सुंदर और चंद्र पाल के आपसी मनमुटाव का नतीजा है पिछले विधानसभा चुनाव में जब चंद्रपाल सिंह यादव बबीना विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे तो उनके खिलाफ श्याम सुंदर सिंह भाजपा प्रत्यासी के रूप में चुनाव लड़ कर चंद्रपाल सिंह के वोट काटने का काम किया था जिसके परिणाम स्वरुप बबीना विधानसभा सीट से चंद्रपाल सिंह यादव चुनाव हार गए थे और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कृष्ण पाल सिंह राजपूत बबीना से विधायक बनने में सफल हो गए थे पिछले विधानसभा चुनाव से उत्पन्न हुए चंदपाल सिंह और श्याम सुंदर सिंह परीक्षा के मनमुटाव और शिवपाल कोटे से घोषित प्रत्याशी श्याम सुंदर सिंह की जगह यशपाल सिंह यादव के नाम पर समाजवादी पार्टी की मुहर लगना चंदपाल सिंह यादव की जीत मान रहे है बबीना के लोग।

मगर इस सीट पर इस बार भी बसपा अपना कब्जा बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेगी, वही बुंदेलखंड को देखते हुए और सपा कांग्रेस का गठबंधन सफर होता है तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव झाँसी की बबीना सीट से चुनाव लड़ते है तो बुंदेलखंड में चमत्कारिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

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