संजय वर्मा कांड: फिल्मी पट कथा या खुलासा ?

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झाँसी में 21 जुलाई की दोपहर में जिलाधिकारी कार्यालय से चंद कदमो की दुरी पर दिनदहाड़े कचहरी चौराहे पर कारोबारी संजय वर्मा की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हुए जानलेवा हमले में बदमाशों ने शहर की कानून व्यवस्था कों फिल्मी बना दिया था, मानो सब कुछ पहले से प्लान था इस घटना की तहरीर मिलते ही पुलिस अपने ऐक्शन में आयी और झांसी के इस सनसनीखेज मामलें को सुलझााने के लिये छापेमारी की कार्यवाही शुरू कर दी। संजय वर्मा के लड़के संचित वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर सोनू गेढ़ा, रिंकू गेढ़ा और बाबी गेढ़ा, और गुर्जर आदि लोगो को नामजद आरोपी बनाया था। हालाकि संजय वर्मा के पुत्र के नाम से दी गई इस तहरीर ने पुरानी दुश्मनी को नई पीढ़ी की दुश्मनी में तब्दील कर दिया हो सकता है, पहले से लिखी गई घटना की इस पटकथा ( स्क्रिप्ट ) में आरोपी पहले से पूरी तैयारी कर चुके थे ऐसा लगता है, तभी तो आरोपियों ने पुलिस को अपनी सफाई के सबूत में हवाई जहाज का टिकिट, एटीएम की भोपाल में निकाले गए पैसे को रसीद और सीसीटीवी के फुटेज दियें है। जिन्हें आरोपियों के पक्ष की ओर से सोसल मिडिया पर वायरल किया जा रहा है, आरोपी पक्ष से वायरल किये जा रहे सबूतो के अनुसार आरोपी सोनू गेढ़ा, रिंकू गेढ़ा और बाबी गेढ़ा, आदि लोगो धटना के दिन झांसी शहर में थे ही नही। 21 जुलाई को रिंकू गेढ़ा और बाबी गेढ़ा भोपाल में था। उसी दिनों उन दोनो ने भोपाल की ओरियेटल6 बैक आफ कार्मस की साकेत नगर शाखा में लोन लेने गये थे। वही इस मामले में तीसरा आरोपी सोनू गेढ़ा 17 जुलाई से 21 जुलाई तक अपने दोस्तो के साथ गोवा में था। जिसमें होटल के बिल वा सी.सी.टी.वी फुटेज होने का दावा किया गया है।

अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब नामजद आरोपी क्या पहले से सारी प्लानिंग फिल्मी अंदाज में कर चुके थे? अब पुलिस के उपर सबसे बड़ी चुनौती इस धटना का सही अनावरण करने को लेकर है। ऐसे में झांसी पुलिस ने इस मामले से जोड़ते हुए एक व्यक्ति को पकडें में अपनी सफलता पत्रकारों के सामने जाहिर की है , झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया की संजय वर्मा कांड में राजेंद्र गुर्जर पुत्र भरत सिंह निवासी लकारा थाना सीपी बाजार, झाँसी को गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़ा गया युवक इस घटना का मास्टरमाइंड है। इससे पूर्व दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश थी। जिसके बाद इस घटना की पूरी कहानी लिखी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना में शार्प शूटर का इस्तेमाल किया गया था। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। मगर घटना में नामजद अन्य आरोपी सहित सोनू गेढ़ा, रिंकू गेढ़ा और बाबी गेढ़ा, पुलिस की गिरफ्त से दूर है या कोई नई योजना तैयार की जा रही है कहना मुश्किल है,
मगर पुलिस कहना है जल्दी ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम के उत्साहवर्धन हेतु ₹25000 नकद का पुरस्कार देने की घोषणा की है। मगर घटना का असली निर्देशक कौन है ये एक पहेली वनी है जो नगर में चर्चा का विषय!

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