ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने का मामला आरपीएफ का हवलदार और कांस्टेबल नौकरी से बर्खास्त

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झाँसी। (बी.के कुशवाहा) रेलवे सुरक्षा बल के हवलदार और कास्टेबलों द्वारा ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के मामले प्रकाश में आए हैं। आरपीएफ प्रमुख के कड़े तेवर को देखते हुए रेल सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रमेश चंद्र ने आरपीएफ हवलदार और कांस्टेबल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। बताया गया कि हवलदार से चलती ट्रेन में कार्बाइन छूट गई थी जबकि जवान से चलती ट्रेन में इंसास कहीं पर गिर गई थी। इन दोनों घटनाओं को आरपीएफ प्रशासन ने गंभीरता से लिया था।
मालूम हो कि आरपीएफ के हैड कांस्टेबिल रिजवान, सिपाही हुकुम सिंह, शेख अहमद, नंदराम राम की ड्यूटी ट्रेन स्कॉटिंग के लिए लगाई गई थी। 21 नवंबर 2017 को आरपीएफ कर्मी जबलपुर से नई दिल्ली जाने वाली जबलपुर एक्सप्रेस में झाँसी से ग्वालियर तक स्कॉटिंग करते हुए गए थे। वहां से 22 नंवबर की रात सभी हजरत निजामुद्दीन से चलकर हबीबगंज जाने वाली भोपाल एक्सप्रेस में स्कॉटिंग करते हुए बीना पहुंचे। जहां से सभी को केरला एक्सप्रेस में स्कॉटिंग करते हुये झाँसी आना था। लेकिन केरला एक्सप्रेस लेट होने के कारण सभी लोकमान्य तिलक टर्मिनस से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली एसी सुपरफास्ट ट्रेन से झाँसी आने के लिये एसएलआर कोच में सवार हो गए थे। झाँसी स्टेशन पर जब सभी उतरे तो देखा कि इंसास सेमी ऑटोमेटिक राइफल गायब थी। राइफल में मैगनीज भी लोड थी। इसकी संख्या 20 थी। मामले की जानकारी होने पर वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्रा ने लापरवाही बरतने पर हेड कांस्टेबिल समेत चारों सिपाहियों को निलम्बित कर दिया था। दिसंबर माह में उक्त इंसास बबीना और बिजौली रेलवे सेक्शन के मध्य मिल गई थी। बाद में आरपीएफ कमांडेंट ने चारों जवानों को बहाल कर दिया था। उधर, रेल सुरक्षा बल के महानिदेशक ने उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान शेख मेहमूद दोषी पाए गए। इस मामले की जानकारी रेल सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रमेश चंद्र को हुई तो उन्होंने शेख मेहमूद को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
उधर, रेल सुरक्षा बल के हलवदार डी एल दोहरे आरपीएफ रिजर्व झाँसी में तैनात है। पिछले दिनों पठानकोट एक्सप्रेस में वह ट्रेन स्क्वाएड में ड्यूटी कर रहा था। यह स्क्वाएड ड्यूटी झाँसी से धौलपुर तक लगाई जाती हैं। जैसे ही उक्त हवलदार की ड्यूटी समाप्त हुई तो वहअपनी कार्बाइन छोड़कर कोच से उतरकर चले गए। जैसे ही उक्त गाड़ी आगरा पहुंची तो काबार्इन को वहां उतार लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही हवलदार वहां पहुंचा और कार्बाइन को कब्जे में ले ली थी। इस मामले की जानकारी आरपीएफ कमांडेंट को हुई तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। बाद में बहाल भी कर दिया गया था। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले की जांच चल रही थी। जांच में उक्त हवलदार को दोषी पाया गया। इस आधार पर रेल सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रमेश चंद्र ने उक्त हवलदार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इसकी सूचना संबंधित लोगों को दे दी गई है।
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