विधायक की चिठ्ठी से बचे सैकड़ो ठगी के शिकार से

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मिडिया को
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रिपोर्ट@विश्वभूषण नायक
झांसी। नगर विधायक रवि शर्मा की एक चिठ्ठी से बुन्देलखण्ड के सैंकडों बेरोजगार ठगी का शिकार होने से बच गए। विधायक की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए प्रशासन ने मानव विकास संस्थान को सील कर सम्बन्धित दस्तावेज कब्जे में ले लिए और नौकरी की आड में ठगी का जाल फैलाने वाले पांच लोगों को हिरासत में लेकर कार्यवाही कर दी। इस कार्यवाही के दौरान संस्थान के कार्यालय के बाहर भारी भीड लगी रही।
दरअसल, बेरोजगारों को अच्छे वेतन पर नौकरी देने लालच देेकर ठगने में कई संस्थाएं काम कर रही हैं। इन्हीं में से एक मानव कल्याण विकास संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा झांसी में सिविल लाइन में अपना कार्यालय खोल कर बेरोजगारों को अच्छे वेतन पर नौकरी का लालच देकर फांसना शुरू कर दिया। संस्थान के संचालक बतौर रजिस्ट्रेशन के रूप में बेरोजगारों से ५३० रुपया जमा करा रहे थे। इसमें यदि किसी को १२ हजार रुपए प्रति माह वेतन की नौकरी चाहिये तो उससे २० हजार रुपया, जिसे ३५ हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी चाहिये तो उससे ६० हजार रुपया संस्थान द्वारा जमा कराये गये। जिन्होंने पंजीकरण शुल्क व वांछित धनराशि जमा कर दी उनसे काम सिर्फ लोगों को पानी पिलाना और पौधा रोपण करने का लिया जाने लगा। शुरूआत में कुछ लोगों ने रुपया जमा किये तो उन्हें वेतन भी मिलने लगा तो अन्य बेरोजगार इस चकाचौंध में फंस गए और ठगी का शिकार होने लगे। इस ठगी की कई बार पुलिस में शिकायतें की गयीं, पुलिस ने चेकिंग भी की व कुछ को पकडा, किन्तु बाद में ले देकर मामला ठण्डे बस्ते में चला गया।
इस बेरोजगारों को ठगने की जानकारी जब सदर विधायक रवि शर्मा को हुई तो उन्होंने इसकी जांच के लिए जिलाधिकारी व एसएसपी को पत्र लिखा। इस पर जांच के लिए जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने एसडीएम अनुन्य झां की अध्यक्षता में जांच टीम का गठन कर कार्यवाही के निर्देश दिए। टीम में क्षेत्राधिकारी नगर जितेन्द्र सिंह परिहार, महाप्रबन्धक उद्योग केन्द्र सुनील श्रीवास्तव, चिट फण्ड सोसायटी से डोंगरा शक्ति भी शामिल रहे। टीम ने पुलिस बल के साथ मानव कल्याण संस्थान में छापा मारा। मौके पर रुपए देकर रजिस्ट्रेशन करा रहे करीब १०० से १५० आवेदक व संगठन के लिए काम करने वाले लगभग दो सौ कर्मचारी मिले। एकाएक हुई कार्यवाही से संस्थान के लोगों को भागने व दस्तावेज छिपाने का मौका नही मिला। कई घण्टें चली कार्यवाही के दौरान प्रशासनिक अमले ने संस्थान के दस्तावेज व कम्प्यूटर की हार्डडिस्क को कब्जे में ले लिया। इसकी गहनता से जांच चिट फण्ड सोसायटी डोगरा शक्ति द्वारा की जा रही है। इसके साथ ही संस्थान के कर्ताधर्ता पांच लोगों को हिरासत में लेकर संस्थान के कार्यालय व बैंक खाते को सील कर दिया गया। पकडे गए संस्थान के पदाधिकारियों को थाने नवाबाद में ले जाकर संगठन पर एफ आईआर दर्ज करायी जा रही है।

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