झाँसी के इस थाने में नहीं होता है एस एस पी के आदेश का पालन

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एरच में खूब फल फूल रहा है कच्ची शराब (जहर) का कारोबार
सरकारी फरमान को लगाया जा रहा है पलीता
एस एस पी का आदेश भी दिखाई दे रहा है वे असर
आय दिन होते रहते हैं शराबियों में झगड़े
हो सकता है बड़ा हादसा

जिला झाँसी के गरौठा तहसील में एरच नाम का एक गांव है जहाँ पर कच्ची शराब का कारोबार खूब फल फूल रहा है एरच क्या एरच के आस पास के गाँव में भी यह कच्ची शराब का कारोबार बे हिचक किया जा रहा है एरच में मुहल्ला भीम नगर एवं बस स्टैंड पर गल्ला मन्डी के पास कबूतरा जाती के लोगों द्वारा कच्ची शराब का कारोबार बे हिचक धडल्ले से किया जा रहा है कबूतरा जाति के लोग महिलाओं से बे खौफ होकर कच्ची शराब बिकबा रहे हैं इन्हें रोकने बाला कोई नहीं है और जहां पर यह कच्ची शराब (जहर) बेच रही है वह स्थान थाने से महज कुछ ही दूरी पर है और थाने की पुलिस कई बार यहां होकर गुजरती है लेकिन इनको शराब बेचने से नहीं रोका जाता है आखिर क्यों नहीं रोका जाता है ऐसे ही बामौर गांव में सरकारी अस्पताल से महज लगभग 50 मीटर की दूरी पर कच्ची शराब बेची जा रही है एक ओर जहां सरकार कच्ची शराब को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में बिशेश अभियान चलाकर आदेश दे रही है वहीं एरच में सरकार के आदेशों पर पलीता लगता दिखाई दे रहा है और यहां पर शराब पीकर शराबियों द्वारा आय दिन लोगों से झगड़ा किया जाता है शराबी यहां से शराब पीकर अभद्र गालियाँ देते हुए निकलते हैं और यही से मुहल्ले की महिलाओं को सौच क्रिया के लिए निकलना पड़ता है प्रदेश में शराब से कई लोग जान गवां चुके हैं फिर भी यहाँ पर इस को अनदेखा किया जा रहा है वहीं झाँसी एस एस पी श्री जे के शुक्ल के निर्देशन पर पूरे जिले में अबैध कच्ची शराब के खिलाफ छापा मारकर इसके खिलाफ शक्त कार्य वाही की जा रही है बही एरच पुलिस पर एस एस पी साहब के इस आदेश का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है एरच में यह आदेश बिलकुल बे असर दिखाई दे रहा है तो क्या इस आदेश को ऐसे ही दर किनार कर के एरच में यह कच्ची शराब का धंदा चलता रहेगा अब समझ यह नहीं आ रहा है कि जब पूरे जिले में अबैध शराब के डेरो पर जाकर इसको नष्ट किया जा रहा है तो यह धंधा एरच में बिना रोक टोक के क्यों चल रहा है और एरच पुलिस इस धंधे को क्यों नहीं रोक रही है क्या पुलिस किसी के दबाव में है या फिर इस कारोबार का सुबिधा शुल्क लिया जा रहा है जब इस बारे में शराब बेच रही महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें शराब बेचने से कोई नहीं रोकता है और वह 30 रुपये में लगभग 200 ग्राम के हिसाब से शराब बेचती है शराब बेचने बाली कबूतरा जाति की महिलाओं ने अपने नाम रोशनी एवं बसंत कुमारी बताया जो झबरा डेरा की है अगर ऐसा ही रहा तो शराबियों द्वारा आपस में झगड़ा कर या अन्य किसी से झगड़ा करके किसी बड़े हादसे को अन्जाम दिया जा सकता है

रिपोर्ट- बालमुकुन्द रायक्वार

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