गांजा तस्करों के मार्फत नक्सलियों तक पहुंच रहा है पैसा!

0
77

नक्सलियों के हाथ मजबूत करने के लिए बुंदेलखंड से पहुंचाया जा रहा है पैसा

झाँसी। नक्सलियों के हाथ मजबूत करने के लिए पूरे बुंदेलखंड से पैसा पहुंच रहा है ! वे यह रकम स्थानीय तस्करों को गांजा बिकवाकर हासिल कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ए उड़ीसा के मलकानगिरीए सोनपुर के घने और पुलिस के पहुंच विहीन इलाकों में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती हो रही है। जिसका संरक्षण नक्सली कर संबंधित किसानों के जरिए उड़ीसा के गजपतिए बमरकेलाए डोगरी पाली आदि इलाकों में बेचने के लिए भेज रहे हैं। यहां से गांजे की यह उपज बुंदेलखंड के तस्करों तक पहुंच रही है। सूत्रों के अनुसार पकड़ा गया गांजा छत्तीसगढ़ के इन्हीं इलाकों से झाँसी होकर भिण्ड तक पहुंचाया जाता है। पकड़े गांजे के मामले की पुलिस ने अपने स्तर से जांच शुरु कर दी है।

ट्रेकिंग सिस्टम और एनडीपीएस एक्ट का उठा रहे फायदा

सूत्रों के अनुसार सारे तस्कर एक खाली कार और एक गांजे से लदा ट्रक या कार लेकर चलते हैं। 5 किमी का फासला रहता है। आगे चल रही कार का उपयोग पुलिस की चेकिंग स्थल तक पहुंचकर पीछे आ रही कार को अलर्ट करना होता है। गांजा तस्करों का आसानी से पकड़ में नहीं आने का दूसरा कारण एनीडीपीएस एक्ट है। जिसके मुताबिक पुलिस को अपनी एक.एक कार्रवाई का अलग.अलग पंचनामा बनाना होता है। इसलिए अक्सर पुलिस खुद इस बड़े जुर्म से मुंह फेर लेते हैं।

नक्सलियों के आय के स्रोत गांजा की खेती

गांजा की खेती व इसकी तस्करी नक्सलियों के आय का प्रमुख स्रोत रहा है। अंदरूनी इलाकों में नक्सली अपनी देखरेख में गांजा की खेती कराते हैं। दहशत के चलते कोई इसका विरोध भी नहीं कर पाता। नक्सलियों की रजामंदी से ही गांजे का काला कारोबार चलता है। हर कोई जानता है कि उनका जासूसी नेटवर्क बहुत तगड़ा है।

नोटबंदी में हुए नुकसान की भरपाई कर रहे हैं नक्सली

देश में नोटबंदी के बाद आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके छत्तीसगढ़ में कोंडागांव के नक्सली अब अपने आप को मजबूत करने के लिए गांजा की तस्करी करने लगे हैं। ऐसे में हर बार गांजे की तस्करी के लिए नक्सली नए नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। पिकअप वैनए कार और ट्रक के बाद अब आरोपी एंबुलेंस का सहारा लेकर गांजे की तस्करी कर रहे हैं। वहीं पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर इन तस्करों के मनसूबे पर पानी फेर रही है। नक्सली ओडिशा.आंध्र सीमा में गांजा की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद से नक्सलियों को काफी नुकसान हुआ हैंए इसलिए नक्सली गांजे की खेती और तस्करी से इसकी भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं।

NO COMMENTS