सूचना प्रसारण मंत्री ने दी प्रकाशकों को राहत, जल्द मिलेंगे प्रोविजनल रेट

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“सूचना प्रसारण मंत्री ने प्रकाशकों को राहत देने और जल्द प्रोविजनल रेट देने का स्वागत किया सेंट्रल प्रेस एक्रीडेशन कमेटी के सदस्य व वरिष्ठ पत्रकार श्याम बाबू ने”

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने समाचार पत्र प्रकाशकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी व उनको राहत का आश्वासन दिया। जिन समाचार पत्रों ने अपनी प्रसार संख्या जांच घटाकर 45000 तक दर्शायी है उन्हे जल्द प्रोविजनल रेट अनुबंध पत्र जारी किये जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री व प्रकाशक के प्रतिनिधिमण्डल की बुधवार व गुरूवार लगातार 2 दिन वार्ता हुई जिसमें उन्होने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना व समस्त कार्यप्रणाली को पारदर्शी व स्वच्छ बनाने का आश्वासन दिया। गुरूवार को हुई वार्ता में केन्द्रीय मंत्री साहिबा के साथ सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव एन. के. सिन्हा, भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य एवं ऑल इंडिया स्माल एवं मीडियम न्यूजपेपर फेडरेशन के अध्यक्ष श्री गुरिंदर सिंह समेत आठ प्रकाशक मौजूद रहे। प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 को लेकर प्रकाशको की समस्या मैं आंशिक सुधार आने की संभावना अब हो गई है।
वार्ता के दौरान  श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि जो लोग मीडिया को बदनाम कर रहे हैं या मीडिया के नाम पर घपले कर रहे हैं वह चाहे बड़े हो या छोटे किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में उन्होंने फेडरेशन के पूर्व में दिए पत्रों पर चर्चा करते हुए कहा कि बड़े अखबार यदि किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि या कानून को ताक पर रखकर प्रकाशन करते पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमण्डल की मांगो को मंत्री साहिबा ने गंभीरता से सुना और बैठक में मौजूद सचिव श्री सिन्हा को आदेश दिए कि वह उन प्रकाशकों के हितों को ध्यान में रखकर कार्रवाई करें जो सही तरीके से अपना प्रकाशन कर रहे हैं । उन्होने प्रसार संख्या जांच घटाकर 45000 तक दर्शाने वाले समाचार पत्रों की दरें भी संशोधित करने के निर्देश दिए जो उसी दिन डीएवीपी द्वारा एडवाइजरी वैबसाइट पर डाल दी गई। इस एडवाइजरी के अनुसार उन सभी प्रकाशकों को जिनकी प्रसार संख्या 45 हजार से अधिक थी को प्रोविजनल विज्ञापन दर जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा डीएवीपी ने मंत्रालय के आदेश पर अमल करते हुए विज्ञापनों का भुगतान भी शुरू कर दिया है।
केन्द्रीय मंत्री जी ने डीएवीपी के अधिकारियों के कमरों में कैद होने व प्रकाशकों से मुलाकात नहीं करने के संबंध में भी कहा सरकार जल्दी ही एक सॉफ्टवेयर बना करके समस्याओं का निस्तारण 48 घंटे में कराने की कार्यवाही करेगी अगर किसी शिकायत का निस्तारण 48 घंटे में नहीं होता है तो वह 72 घंटे में मंत्रालय के पास कार्यवाही के लिए आ जाएगी। इसके अलावा डीएवीपी ने रोजमर्रा की समस्या को सुनने और उनका निस्तारण करने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी जो प्रतिदिन प्रकाशको से मुलाकात पर कार्यवाही करेगा। उन्होने यह भी आदेश दिया कि विज्ञापन में निर्धारित अनुपात का कड़ाई से पालन कराया जाए और आगे से ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि सरकार का पैसा सही तरीके से खर्च हो, इसके लिए क्षेत्रवार समाचार पत्रों की सूची बनाएं और सूची के मुताबिक विज्ञापन जारी करने की कार्रवाई करे।
उन्होने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो विज्ञापन नीति का रिव्यू भी किया जा सकता है। उन्होंने लघु एवं मध्यम प्रकाशकांे की समस्या को सुनने के बाद कहा कि बड़े मीडिया हाउसों और संस्थानों की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभी तक उनकी मनमानी संबंधी जानकारी मंत्रालय के पास नहीं थी, फेडरेशन के माध्यम से काफी बातें सरकार के सामने आई हैं जिनका अध्यन कराकर बड़े संस्थानों के खिलाफ की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य एवं फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरिंदर सिंह सहित प्रतिनिधिमंडल के लोग मौजूद रहे,

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