50 प्रतिशत धन हो गया खर्च लेकिन काम हुआ केवल 10 प्रतिशत का

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सिंचाई प्रखण्ड-प्रथम के अधिकारियों का कारनामा, पूर्व जिलाध्यक्ष ने प्रमुख सचिव को जांच के लिए लिखा पत्र
चित्रकूट –  विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में हो रही धांधली की  शिकायत की गई। जिसके आधार पर उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। लेकिन जांच उसी को मिली जिसके खिलाफ शिकायत की गई थी। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की लीपापोती किए जाने की शिकायत सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव से करते हुए उच्च स्तरीय गोपनीय जांच करवाए जाने की मांग की है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव ने बताया कि सिंचाई प्रखण्ड-प्रथम द्वारा जिले के बराहमाफी, गढ़वा, कोटराखांभा, खण्डेहा, खपटिहा, औझर, हेला व डोडामाफी आदि ग्राम पंचायतों में टैंकों की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। इसके लिए शासन द्वारा 1147.42 लाख रुपये विभाग को उपलब्ध कराए गए थे। काम करवाने के लिए अधिशाषी अभियन्ता द्वारा अपने चहेतों को ठेका दे दिया गया। जिसमें से अक्टूबर 09 तक 517.00 लाख रुपये समाप्त हो जाने के बाद भी कार्यस्थल पर केवल दस -बारह प्रतिशत कार्य ही हुआ। उन्होंने बताया कि इसमें लगभग 50 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी दिखाई गई है। लेकिन मौके पर मात्रा 10 प्रतिशत धन का कार्य ही दिखाई दे रहा है। जबकि प्राक्कलन के अनुसार व्यय की गई धनराशि के अनुसार कार्य भी बराबर का होना चाहिए। इसके अलावा इतने टैंकों की मरम्मत करने का जिम्मा केवल एक ही ठेकेदार को दिया जाना भी सांठगांठ का मामला लगता है। श्री यादव ने बताया सिंचाई निर्माणखण्ड प्रथम के अधिशाषी अभियन्ता द्वारा ठेकेदार की सांठगांठ से की जा रही घपले बाजी की शिकायत पहले भी की गई थी। लेकिन उच्चाधिकारियों ने जांच उसी विभाग को सौंप दी गई जिसके खिलाफ शिकायत हुई थी। उनका कहना है कि मामले की लीपापोती करते हुए जांच अधिकारी ने मौके पर जाने तक की आवश्यकता नहीं समझी थी। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से सम्बंधित लोग शासन से मिले धन का बन्दरबांट करने में बेखौफ जुटे हुए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष श्री यादव ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिख अधिशासी अभियन्ता सिंचाई प्रखण्ड-प्रथम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

श्री गोपाल

09839075109