हिंदी पत्रकारिता के प्रमुख स्तंभ प्रभाष जोशी नही रहे ..

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हिंदी पत्रकारिता के प्रमुख स्तंभ प्रभाष जोशी नही रहे ..         

” श्रमजीवी प्रेस क्लब झाँसी”

हिंदी पत्रकारिता के प्रमुख स्तंभ प्रभाष जोशी के निधन के साथ ही हिंदी पत्रकारिता के एक युग का अवसान हो गया। उन्हें परंपरा और आधुनिकता के साथ भविष्य पर नजर रखने वाले पत्रकार के रूप में सदा याद किया जाएगा। क्रिकेट के शोकिन श्री जोशी  मंगलवार आधी रात सचिन के 17 हजार रन से एक तरफ उन्हें खुशी हुई और भारत की हार का आघात लगा..।

यह सिर्फ हिंदी पत्रकारिता का नुकसान नहीं है, बल्कि हिन्दी समाज और बुद्धिजगत की भी क्षति है। हिन्दी में उनके जैसे सर्वमान्य बुद्धिजीवी काफी कम है, जिन्हें सभी ध्यान से पढ़ते हों।

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शोक की घडी में झाँसी में श्रमजीवी प्रेस क्लब  ने एक शोक सभा की जिश्मे प्रेस क्लब के सभी लोगो ने दो मिनट का मोन धारण कर हिन्दी पत्रकारिता के  इस स्तंभ को सह्र्धांजलि दी इस मौके पर पत्रकारों ने गहरा दुःख व्यक्त किया “श्रमजीवी प्रेस क्लब”  के  महासचिव,”bundelkhandlive.com” के ब्यूरो  व आकाशवाणी/दूरदर्शन के संवाददाता विकास कुमार शर्मा ने कहा  कि हिन्दी पत्रकारिता का एक स्तंभ ढह गया। जोशी जी ने हिन्दी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर तक उठाया और इसे गंभीर स्वरूप प्रदान करने में उनकी भूमिका अहम रही। निर्भीक पत्रकारिता के एक युग का सचमुच अवसान हो गया। वही इस मौके पर बोलते हुए “bundelkhandlive.com” के  शुधान्शु दुबेदी ने उन के निधन  को कहा कि मालवी भाषा को पत्रकारिता में लाना उनका दूसरा सबसे बड़ा योगदान था। हिन्दी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर तक उठाया और इसे गंभीर स्वरूप प्रदान करने में उनकी भूमिका अहम रही। राम शेवक अर्जडिया संपादक(स्वदेश ) “श्रमजीवी प्रेस क्लब” के अध्यक्छ असद खान ( न्यूज़ २४),उपाध्क्य्च मनीष श्रीवास्तव(इंडिया न्यूज़),हेमंत ठाकुर(राज एक्सप्रेस),डॉ.ऐ .के कनोजिया( परख), मनोज आर्य(केमरामेन दूरदर्शन),विकास जायसवाल(महुआ न्यूज़ ), हेमंत साहू ,तोशीव,
पवन तूफान,मुकेश (स्वदेश ) अनूप कुशवाह (आजाद न्यूज़)  आदि उपस्थित रहे

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