हाए दइया मां अब हम सब का खईबे ! हमार तो सगला गेहूं जरि गा।

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मां से चिपट विलखता रहा आठ वषीZय तीरथ
, रिश्तेदार के ट्रैक्टर में लाद कर खेत से खलिहान ला रहा गेहूं की फसल श्रीनाथ
, हाई टेंशन लाइन की ढीली तारों से टकरा जाने के कारण हुआ हादसा
, आग से काफी हद तक ट्रैक्टर भी जला

हाए दइया मां अब हम सब का खईबे ! हमार तो सगला गेहूं जरि गा।´´ यह कहते 8 साल का तीरथ अपनी मां से चिपट विलख-विलख रोने लगा। उसे रोता देख वहां मौजूद अन्य लोगों की भी आंखे भीग गईं। जबकि अपनी मेहनत को आग से बबाZद होता देख किसान व उसकी पत्नी हक्का बक्का हो अपनी किस्मत को कोसने लगे। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाई है।

मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से कुछ ही दूर स्थित सोनेपुर गांव निवासी श्रीनाथ उर्फ भुन्दू पुत्रा बुद्धू सेठ ने बताया कि उसके एक बीघे का खेत घर से काफी दूर है। उसने बताया कि उसने अपने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। जिसे काट कर वह खेतों से घर के पास बने खलिहान में लाना चाह रहा था। इसके लिए उसने छिपनी से अपने एक रिश्तेदार को ट्रैक्टर सहित मदद के बुलाया था। उसने बताया कि शनिवार को वह अपने रिश्तेदार रामनरेश पुत्रा शिवकुमार, पत्नी धनपतिया, हेमराज सिंह को लेकर खेत गया। साथ में उसका 8 वषीZय पुत्रा तीरथ भी गया था। सभी ने मिल कर गेहूं की फसल को ट्रैक्टर में लादा और खेत से खलिहान की ओर आने लगे। श्रीनाथ ने बताया रास्ते में हाईटेंशन विद्युत लाइन के नीचे से निकलते समय ढीली तारें ट्रैक्टर में रखी फसल से टकरा गई और उनमें से निकली चिंगारी के कारण गेहूं की सूखी फसल जलने लगी। उसने बताया कि आग लगी देख जब तक वे लोग ट्रैक्टर से कूद माजरा समझते तब तक आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाते-बुझाते सारी फसल जल कर राख हो गई। उसने बताया कि आग से रिश्तेदार का ट्रैक्टर भी काफी हद तक जल गया। इधर अपनी फसल को जलता देख 8 वषीZय तीरथ अपनी मां से चिपट कर विलखते हुए चिल्लाने लगा “ हाए दइया मां अब हम सब का खईबे ! हमार तो सगला गेहूं जरि गा।´´ उसको विलखते देख आग बुझाने के लिए पहुंचे आस-पास के लोगों की भी आंखे गीली हो गईं। उधर उसकी मां धनपतिया ने रोते हुए बताया कि जब वे लोग ट्रैक्टर में गेहूं रख रहे थे तो तीरथ भी उत्साह पूर्वक अपने हाथों में छोटे-छोटे गट्ठर लेकर उनकी सहायता कर रहा था। हाई टेंशन लाइन की तारों की चपेट से आग लग कर चौपट हुई फसल को जलता देख श्रीनाथ व उसकी पत्नी  हक्का-बक्का हो अपनी किस्मत को दोष देते रहे। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाई है।