हड़ताल के पहले दिन ही निजी स्कूलों में पढ़ाई ठप

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ग्वालियर- माडल कंडीशन लागू किए जाने के खिलाफ स्कूल बस आपरेटरों की हड़ताल के पहले दिन ही निजी स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई। कुछ स्कूल बंद रहे जबकि कुछ में छात्र संख्या नाममात्र की रही। बस आपरेटरों ने स्कूलों की निजी बसों को भी नहीं चलने दिया। उधर, हड़ताल से निपटने के लिए शाम को एडीएम आरके जैन, डीएसपी ट्रैफिक और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने भी एक घंटे बैठक की।

स्कूल बस आपरेटर एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को सुबह होते ही सड़क पर आ गए। उन्होंने कार, ऑटो व तांगों से स्कूल जाने वाले बच्चों को तो नहीं रोका, पर स्कूल-कालेजों के निजी वाहनों को जरूर रास्ते में रोक दिया। गोला का मंदिर पर गोहद के एक स्कूल की निजी बस को भी आपरेटरों ने रोक लिया। इस बस का चालक गोहद जाने की जिद कर रहा था। कुछ देर हंगामे के बाद बस गोहद न जाकर लौट आई। बस आपरेटरों ने सुबह 11 बजे फूलबाग में बैठक की। इसमें आंदोलन गुरुवार को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस दौरान स्कूल बस आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलू भदौरिया, सचिव सुधीर अवस्थी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

स्कूल संचालक चाहकर भी बसों की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। एक स्कूल संचालक ने कहा कि नई बसों की व्यवस्था तो की जा सकती है पर स्टाफ नया होने से वे छात्रों को घर-घर से नहीं ला सकेंगे। एक अन्य संचालक ने कहा कि बहुत कम संख्या में स्कूल पहुंच रहे छात्रों को पढ़ाया गया तो वे छात्र पिछड़ जाएंगे जो स्कूल बसों से आते हैं।

मॉडल कंडीशन खत्म करने के मुद्दे पर स्कूल बस आपरेटरों की गैर मियादी हड़ताल को लेकर अधिकारी सख्त हैं। इससे हड़ताल लम्बी खिंचने के आसार बनते जा रहे हैं। संभाग आयुक्त डा. कोमल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन का निर्णय सही है। शासन के नियमों तहत ही प्रशासन ही बसों के परिचालन की अनुमति देता है।

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने बताया कि हड़ताल में 15 साल से कम पुराने वाहनों के संचालक भी शामिल हो गए हैं, जो इन वाहनों को दिए गए परमिट की शर्तो का उल्लंघन है। यदि वे हड़ताल से बाहर नहीं हुए तो उनके संचालकों को नोटिस दिया जाएगा।