सूखे की स्थिति का अध्ययन करने आएगा केंद्रीय दल

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सागर- सागर सहित संभाग के पांचों जिलों में इस वर्ष सामान्य 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अल्प वर्षा से पैदा होने वाले सूखे के हालात का अवलोकन करने के लिए तीन केंद्रीय दल संभाग में आ रहे हैं। जो 8 एवं 9 सितंबर को पांचों जिलों का दौरा करेंगे।

संभाग में इस वर्ष खरीफ फसलों की बुवाई लक्ष्य से अधिक हुई है। सागर जिले में ही सोयाबीन की 3.13 लाख हक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हुई है। यही स्थिति संभाग के अन्य जिलों की भी है। 15 जून से लेकर 31 अगस्त के बीच कई बार हुई बारिश के कारण फसलों की स्थिति ठीक है। संभाग में खरीफ फसलों की बुवाई इस बार लक्ष्य की तुलना में सोयाबीन 112 प्रतिशत, उड़द 110 प्रतिशत, तिल 119 प्रतिशत, अरहर 137 प्रतिशत की गई है।

संभाग की सामान्य औसत वर्षा 1145.7 मिलीमीटर है। पिछले वर्ष 1154.5 मिमी हुई थी। इस बार एक जून से 31 अगस्त तक महज 474.1 मिमी हुई है। पिछले वर्ष इस अवधि में 1029.5 मिमी वर्षा हुई थी। सोयाबीन फसल का उत्पादन 10 से 25 प्रतिशत, उड़द-मूंग 20 से 25 प्रतिशत, धान 50 प्रतिशत, तिल 25 से 50 प्रभावित होने की आशंका है। सागर जिले की 10 से 15, दमोह की 10 से 25, छतरपुर, टीकमगढ़ एवं पन्ना की 20 से 50 प्रतिशत फसलों के प्रभावित होने की संभावना है। केंद्रीय अध्ययन दल के भ्रमण के सिलसिले में कमिश्नर एसके वेद ने बुधवार को सागर, दमोह, पन्ना छतरपुर और टीकमगढ़ के कलेक्टर को भ्रमण दल के लिए मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तीन केंद्रीय दलों में से दो दल दिल्ली से हवाई जहाज द्वारा 7 सितंबर की शाम खजुराहो पहुंचेंगे। तीसरा दल 8 सितंबर को ग्वालियर होते हुए पहुंचेगा। सागर के कलेक्टर हीरालाल त्रिवेदी ने संयुक्त कलेक्टर एससी गंगवानी को सूखा राहत शाखा का प्रभारी अधिकारी बनाया है।8 सितंबर को एक दल पन्ना जाएगा, इसी दिन दूसरा दल सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ जिले का दौरा करने के बाद सागर में ही रात गुजारेगा। 9 सितंबर को सागर एवं दमोह जिले का दौरा करेंगे। 10 सितंबर को भोपाल में तीनों केंद्रीय दलों की बैठक होगी।