सशक्तिकरण का पहला अध्याय पंगु, फिर भी महिलाएं आगे आ रही है

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जिले के ज्यादातर बालिका माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक ही नहीं। बावजूद उसके आधी आबादी के उन्नयन का अभियान जारी है। तमाम महिलाएं घर की चार दिवारी लांघ समाज में अपनी हैसियत साबित कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित महिला सेल और गुलाबी गैंग भी इसमें कारगर सहयोग कर रही है। एसपी मंजिल सैनी खुद अपने आप में एक मिशाल है। बदलाव का परिणाम है कि तमाम महिलाएं नौकरी के अलावा व्यापार कर रही है,महिलाएं सामाजिक संस्थायें भी संचालित कर रही है।

सशक्तिकरण का पहला अध्याय शिक्षा को माना जाये तो यह यहां पूरी तरह पंगु है। जिले के आधा दर्जन बालिका माध्यमिक विद्यालयों में मानक के अनुसार अध्यापक न होने से शिक्षा पूरी तरह चौपट है। इस क्षेत्र में पनवाड़ी और जैतपुर के बालिका इंटर कालेज महज एक अध्यापक के सहारे संचालित हो रहे है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस कमी को दूर करने के लिए शासन को दर्जनों पत्र लिखे। इसके बावजूद एक भी नियुक्ति नहीं हो सकी। इस अव्यवस्था के बाद भी नारी सशक्तिकरण का अभियान दिनों दिन प्रगति में है। जिले में एक सैकड़ा से ज्यादा महिलाएं स्वयं की समाज सेवी संस्थाएं अथवा व्यापार चला रही है। इस पिछड़े जिले में भी बाइक चलाने वाली बालिकाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी की निर्भीक कार्य शैली हजारों महिलाओं के समाने सशक्तिकरण की बेहतर मिशाल है। पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी के द्वारा गठित महिला सेल नारी उत्पीड़न के मामलों में कारगर हथियार साबित हुआ है। बीते दो माह में एक सैकड़ा से ज्यादा मामलों का निस्तारण कर इस सेल ने कीर्तिमान स्थापित किया है। गुलाबी गैंग भी महिलाओं को समाज में सम्मान का स्थान दिलाने को सक्रिय है। गैंग की जिलाध्यक्ष सुमन सिंह ने अपनी लाबी के बल पर आधा दर्जन विजातीय प्रेमी युगलों की शादी करा समाज को नारी सशक्तिकरण का बेहतर संदेश दिया है। सरकारी तौर पर किशोरी शक्ति योजना व जननी सुरक्षा के जरिये महिलाओं के प्रति सामाजिक सोच में बदलाव लाने का क्रम निरन्तर जारी है। इससे यह उम्मीद की जाती है कि आधी आबादी के उन्नयन का यह अभियान 2010 में और कारगर होकर अपनी पहचान बनायेगा।

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