समय पर हो मजदूरी भुगतान

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मनरेगा कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भावना वालिम्बे ने कहा कि मजदूरों को समय पर मजदूरी भुगतान करना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में मजदूरी के भुगतान में 15 दिवस से अधिक का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में ग्राम पंचायतों को हर हफ्ते राशि जारी कर तथा बकस्वाहा ब्लाक में मोबाइल बैंकिंग की शुरूआत कर मजदूरी के समय पर भुगतान के उपाय किए गए हैं। अन्य जनपदों में भी मोबाइल बैंकिंग की शुरूआत की जाएगी।
जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं सहायक यंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि मजदूरी का समय से भुगतान सुनिश्चित करने हेतु दायित्वों का निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। यदि पंचायत सचिव समय पर मांग पत्र प्रस्तुत नहीं करता है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाए और यदि उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन में विलंब के कारण मजदूरी का भुगतान लंबित होता है तो उपयंत्री के विरूद्ध कार्यवाही हो। पंचायतों का 60 फीसदी से कम एमआईएस होने पर उनका टाॅपअप नहीं किया जाता है इसलिए यह तय किया जाए कि एमआईएस न हो पाने के लिए कौन जिम्मेदार है। श्रीमती वालिम्बे ने बकस्वाहा ब्लाक में मोबाइल बैंकिंग की जानकारी देते हुए बताया कि पहले हफ्ते में ही 6 दिनों में 20 ग्राम पंचायतों के 778 मजदूरों को 20 लाख 59 हजार 244 रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया है। निश्चित ही यह अत्यंत उत्साहवर्धन शुरूआत है। मजदूरी का समय से भुगतान होने से मनरेगा के प्रति ग्रामीणों का रूझान और बढ़ेगा तथा मनरेगा पर जिले में व्यय भी और अधिक होने लगेगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मनरेगा के रोजगारमूलक कार्यों में सबसे पहले मजदूरी का ही भुगतान किया जाए। उसके बाद ही मटेरियल का भुगतान हो।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भावना वालिम्बे ने बकस्वाहा ब्लाक में ही उपयंत्री सेक्टरों में लगाए गए विशेष मूल्यांकन शिविरों की जानकारी देते हुए बताया कि इन शिविरों के आयोजन से लंबित भुगतानों का यथाशीघ्र निराकरण होगा। उन्होंने उपयंत्रियों को निर्देशित किया कि वह 31 जुलाई तक के कार्यों का 15 अगस्त तक मूल्यांकन अनिवार्यतः कर लें। उसके बाद अगस्त माह के कार्यों का मूल्यांकन 31 अगस्त तक सुनिश्चित कर लिया जाए। जनपद सीईओ, ग्राम पंचायत सचिव एवं उपयंत्रियों से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे कि पंचायत में अब किसी भी कार्य का मूल्यांकन शेष नहीं है। जिला पंचायत द्वारा सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में पूरे जिले में उपयंत्री सेक्टरों पर विशेष मूल्यांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में यदि लंबित मूल्यांकन पाए गए तो संबंधितों के विरूद्ध अविलंब कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

Mohd. Imran Khan
09893223536