संवेदनशील मामलों की पैरवी अफसरों को सौंपी जाएगी-श्रीवास्तव

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बरेली से स्थानान्तरित होकर आए झाँसी परिक्षेत्र के नए पुलिस उप महानिरीक्षक एन के श्रीवास्तव ने आज कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश जरूरी है। अधीनस्थ यदि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा जनपद स्तर पर संवेदनशील मुकदमों की पैरवी के लिए वरीयता के आधार पर पुलिस अफसरों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

वर्ष 1992 बैच के आईपीएस अफसर एनके श्रीवास्तव इससे पूर्व बरेली, लखनऊ, आगरा व कानपुर रेज के डीआईजी रह चुके है। वर्ष 1997 में दीर्घकालीन सराहनीय सेवाओं व वर्ष 2004 में अतिविशिष्ठ सेवाओं के लिए उन्हे राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया चुका है। इसके अलावा वे कठिन सेवा मेडल भी प्राप्त कर चुके है। उन्होंने अपनी वरीयताओं के बारे में बताते हुए कहा कि जनपद में अपराध व कानून व्यवस्था का आंकलन करने के लिए वहां की जनता में सुरक्षा की भावना की दृढ़ता से करेगे। जनता यदि स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही है तो निश्चित ही उस जनपद में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि जघन्य, दुर्दान्त अपराधियों पर एनएसए की कार्रवाई कराई जाएगी। पेशेवर लुटेरों, रोड होल्डअप करने वालों, पेशेवर हत्यारों, दुराचारी, हिस्ट्रीशीटरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंग्स्टर ऐक्ट की कार्रवाई होगी। साथ ही उनके गैंग भी पंजीकृत कराए जाएंगे। इनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। क्षेत्र में पेट्रोलिंग करने वालों व पिकेट में लगी गाड़ियों व जवानों की सार्थकता और उपयोगिता को भी चेक किया जाएगा।

महिलाओं, दलित व कमजोर तबके के लोगों पर होने वाले अत्याचार व अपराधों को अंजाम देने वालों के खिलाफ विशेष रूप से संवेदनशीलता के आधार पर मुकदमा दर्ज कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा। जनसमस्याओं का निराकरण एवं उनका निस्तारण कराना प्रमुख वरीयता होगी। जिस क्षेत्र से अधिक शिकायतें आएंगी वहां स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। संवेदनशीलता के आधार पर एसपी, एएसपी, सीओ व थानेदारों को जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि गवाहों की गवाही समय पर हो और मुकदमे की सही पैरवी से अपराधी को सजा मिल सके। थानों में पड़े माल का निस्तारण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी के प्रति पुलिस को नम्र व्यवहार के लिए विशेष हिदायतें दी गई है, फिर भी यदि अभद्रता की शिकायत मिली तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं को सुनने के लिए अधिकारी थाना व कार्यालय स्तर पर प्रात: 10 से 12 बजे तक अवश्य रुकें।