संत की ..सुसाइड..सस्पेंस का ! चैटिंग से हुआ राज़फाश

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सात महीने पहले एक सुसाइड की खबर से एमपी ही नहीं पूरे हिंदुस्तान में उस संत के भक्तों को धक्का लगा था.अपने भक्तों को जीने की राह दिखाने वाले संत ने मौत को गले लगा लिया था.आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज के सुसाइड ने सभी को चौंका दिया था. पुलिस-भक्त-परिवार सब उलझे हुए थे. 7 महीने से ये सुसाइड केस एक मिस्ट्री बना हुआ था. लेकिन बस फिर आया एक फोन कॉल और हो गया लेकिन उससे पहले उस पत्र पर गौर करें जो भय्यू जी महाराज ने सुसाइड से पहले लिखा था.”मैं ज़िन्दगी के तनाव से तंग होकर जा रहा हूं ..” तो आखिर वो कौन सा तनाव था.या कहें वो कौन सी मजबूरियां थीं, जिसमें एक संत ने मौत को गले लगा लिया. इस सुसाइड नोट के राज छुपे थे उसी फोन कॉल में जब एक महीने पहले भय्यू जी महाराज के ट्रस्ट से जुड़े एक शख्स के पास फोन आया था. फोन पर 5 करोड़ की फिरौती मांगी गयी थी. और जैसे-जैसे इस फिरौती की गुत्थी सुलझ रही थी, आश्रम में बैठे गद्दारों के राज़ खुल रहे थे.
ये फोन कॉल करने वाला शख्स आश्रम का ड्राइवर कैलाश निकला.लेकिन अभी तो इस फिरौती की मिस्ट्री के साथ भय्यू महाराज की सुसाइड मिस्ट्री भी खुलने वाली थी. इस केस के दूसरे और सबसे अहम पात्र का नाम खुलने वाला था. भय्यूजी महाराज का सबसे करीबी और भरोसेमंद सेवादार विनायक, लगातार महाराज का गुणगान कर रहा था. फिरौती के लिए आए कॉल के बाद एक-एक कर सिरे जुड़ते जा रहे थे.

दरअसल इस केस का मास्टरमाइंड विनायक ही था. वही.विनायक जो उनकी शवयात्रा में फूट फूटकर रोया था. पुलिस का तो कहना है कि पर्दे के पीछे सारा खेल वही खेल रहा था. पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में तीन अहम किरादर भय्यू महाराज को परेशान कर रहे थे,जो उनके करीबी थे और भरोसेमंद भी. उनमें से एक विनायक था,दूसरा सेवादार शरद देशमुख और इस केस की अहम कड़ी ..भय्यू जी महाराज की केयर टेकर रही पलक पुराणिक, जिस पर ब्लैकमेलिंग का आरोप भी लगा.पुलिस की मानें तो पलक, विनायक और शरद तीनों मिलकर भय्यू महाराज को प्रताड़ित कर रहे थे.पलक पर आरोप है कि वो भय्यू महाराज पर शादी का दबाव बना रही थी.उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी. इस खेल में विनायक और शरद भी शामिल थे. पलक और भय्यू महाराज के बीच हुई कुछ ऐसी आपत्तिजनक चैंटिग इन लोगों के पास थी, जिसके ज़रिए संभवत :भय्यूजी महाराज को ब्लैकमेल किया जा रहा था. यही नहीं इन आरोपियों पर भय्यू महाराज को नशीली दवाइयां देने का आरोप भी लगा है.
भय्यू महाराज की पहली पत्नी की मौत हो चुकी थी. सुसाइड से कुछ समय पहले ही भय्यूजी महाराज ने डॉ आयुषी से दूसरी शादी की थी. शादी में ये तीनों आरोपी भी मौजूद थे और उन्होंने हंगामा किया था. भय्यूजी महाराज के परिवार ने उन्हें वहां से खदेड़ा था. लेकिन शादी के बाद ही विनायक और शरद ने पलक के ज़रिए भय्यू महाराज को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. पलक भय्यू महाराज पर शादी करने का दबाव डालने लगी. शादी के लिए उसने 16 जून 2018 तक का अल्टीमेटम दिया.उसी वक्त एक ऐसी खबर आई,जिसका तीनों सेवको ने फायदा उठाया और बदनामी का डर दिखाकर भय्यू महाराज को डराने लगे.दरअसल उसी दौरान दाती महाराज पर रेप के आरोप की खबर आ गयी. ये खबर भय्यू महाराज को बैचेन कर रही थी.बस इस ख़बर पर गद्दार सेवादारों का ब्लैकमेलिंग का खेल चला. परेशानियों के चक्रव्यूह में भय्यू महारज कैद हो गए थे. पलक ने शादी के लिए 16 जून 2018 से पहले शादी की डेडलाइन दी थी. लेकिन डेडलाइन से ठीक पहले 12 जून 2018 को भय्यू महाराज के सुसाइड की ख़बर आ गयी.इस केस में डिजीटल सबूतों की जांच की जा रही है.आखिर इन गद्दार सेवादारों के सीने में और कितने राज़ दफन हैं,इसकी तफ्तीश जारी है .