संतृप्त अंबेडकर गांव के नये मानक तय

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जिलाधिकारी श्रीनिवासु ने कहा कि शासन की नई नीति के तहत अंबेडकर गांव तभी संतृप्त माने जायेंगे, जब तक अनुसूचित जाति की बस्तियों में बिजली, संपर्क मार्ग, इंदिरा आवास, स्वच्छ शौचालय का शत प्रतिशत निर्माण न हो जाये। जो सीसी मार्ग बनेगा, उसकी चौड़ाई ढाई मीटर से कहीं कम न हो। अब 70 व्यक्तियों पर एक हैंडपंप लगेगा और एक हैंडपंप से दूसरे हैंडपंप की दूसरी 75 मीटर होगी। वे रानी लक्ष्मी बाई सभागार में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि गांवों में केजीड्रेन व खड़ंजे का निर्माण नरेगा में कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि मंगरौठ मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। उसे ठीक कराने के लिए अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी को निर्देश दिये हैं। डीएम ने कहा कि जिन अधिकारियों को अंबेडकर गांव का नोडल अधिकारी बनाया गया है, वह गांव के प्रत्येक कार्य को देखेगा। जो समस्या होगी, उसके बारे में सीडीओ को बतायेगा। जिला पंचायत के सहायक अभियंता नीरज रस्तोगी ने अभी तक एक भी गांव का निरीक्षण नहीं किया। इसलिए उनका जवाब तलब किया गया है। जिला विकास कार्यालय को मौदहा बांध द्वारा नरेगा में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इस प्रस्ताव के कुछ प्रपत्र विनोद गुप्ता ने गायब कर दिये हैं। इसलिए मौदहा बांध की कार्य योजना स्वीकृत नहीं हो सकी। बैठक में मौदहा बांध से दोबारा प्रपत्र बनवाने को कहा गया है। जिले में 3565 विद्यालयों में 1417 का निरीक्षण किया गया। 103 शिक्षक गैरहाजिर पाये गये। 31 को चेतावनी दी गयी, 7 अध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी, 55 शिक्षकों का वेतन रोका गया और 3 शिक्षकों का निलंबन किया गया। मिडडे मील एक विद्यालय में बनता नहीं मिला, जिसके विरुद्ध कार्रवाई की गयी है। डीएम ने डीपीआरओ को निर्देश दिये कि सभी अंबेडकर गांवों में अनुसूचित जाति की बस्तियों में शत प्रतिशत स्वच्छ शौचालय 31 दिसंबर तक बनवा दिये जायें। तहसील दिवस की 587 शिकायतों के लंबित होने पर डीएम ने सभी अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया है कि वे समय पर निस्तारित करें, वरना उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी। इंदिरा आवास 1218 के सापेक्ष 460 बने हैं। महामाया आवास 230 के सापेक्ष 80 बने हैं। सर्वजन में 165 के सापेक्ष 14 आवासों का निर्माण कराया गया है, जो लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम है। डीएम ने इन्हें प्राथमिकता पर पूरा कराने को कहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में 80834 बीपीएल कार्डो के सापेक्ष 143 स्मार्ट कार्ड बने हैं। इस महीने के अंत हर हाल में बीपीएल परिवारों के स्मार्ट कार्ड बनाकर दे दिये जायें। इसमें दो सरकारी व चार निजी अस्पतालों का चयन किया गया है।