शिक्षा से वंचित बच्चों को चिह्नित कर स्कूल से जोड़ें

0
223

महोबा- निरक्षरता रूपी दानव को नष्ट करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान चला 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों को शत प्रतिशत प्रवेश दिला शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े। शिक्षक पूरी लगन से नामांकन में लग जाये। सुनिश्चित करें कि कोई बच्चा रहने न पाये।

यह विचार अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुये बेसिक शिक्षा अधिकारी गंगासिंह राजपूत ने व्यक्त किये। बीआरसी कार्यालय में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति शिक्षा पर निर्भर होती है। शिक्षक का दायित्व है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नामांकन न कराने वाले अभिभावकों को समझा शत प्रतिशत नामांकन करायें। उप जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय शंकर तिवारी ने कहा कि साक्षरता अभियान में जन सहभागिता जरूरी है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि इस अभियान में पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करें। कार्यक्रम में डीएवी के पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि आबादी की बीस फीसदी जनसंख्या अभी भी निरक्षर है। जिनमें 47 फीसदी महिलायें व 33 फीसदी पुरुष शामिल है। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक वर्ष में 54 हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिये गांव-गांव में प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खेले गये है। कार्यक्रम में कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। शिक्षिका मालती विश्वकर्मा ने गीत के माध्यम से शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बीआरसी प्रभारी रामेश्वर प्रसाद, जिला समन्वयक महेश यादव सहित सैकड़ों अध्यापक उपस्थिति रहे।