शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हुआ चिंतन

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प्राथमिक शिक्षा में गिरती गुणवत्ता भले ही सभी के लिए चिंता का विषय हो पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अर्मत्यसेन सभागार में शिक्षकों ही इसका कारण सीधे तौर पर मिडडे मील के साथ ही अन्य कार्यक्रमों को बताया।

बुंदेलखंड में प्राथमिक शिक्षा के गिरते स्वरूप के साथ ही इसकी बदहाली कैसे दूर हो तथा शिक्षा रूपी प्रकाश रोजगार परक होकर कैसे घर-घर पहुंचे गोष्ठी पर चर्चा करते हुए ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद ने कहा कि अतीत की तुलना में शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुयी है, पर शिक्षा खो गयी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर लार्ड मैकाले को कोसने के बजाय शिक्षा व्यवस्था का नया ताना बुनने की सरकारी जरूरत पर बल दिया। कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही केंद्र सरकार से जारी शिक्षा अधिनियम 9 को शीघ्र लागू करवाये जाने के लिए मुख्यमंत्री वार्ता करेंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि सामाजिक बदलाव के साथ ही शिक्षा का विकास संभव है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा की बदहाली के कई बिंदुओं को उकेरा। सिंह ने कहा कि विद्यार्थी की बुद्धि, बाध्यता एवं विषय के प्रति रुझान को ध्यान में रखकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होने वर्तमान व पुरानी शिक्षा व्यवस्था का तुलनात्मक विश्लेषण भी किया। समाजसेवी व अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के गोपाल भाई ने शिक्षा के क्षेत्र में सारी विधाओं को उपयोग में लाने की जरूरत पर बल दिया। शिक्षा के प्रति अभिभावक, छात्र एवं शिक्षक में अभिरुचि पैदा करने के नुख्शे भी सुझाये। विद्याधाम समिति के सचिव राजा भइया ने बांदा जिले में शिक्षा की बदहाली की तस्वीर पेश की आंकड़ों के माध्यम से बताया कि हालत इतने नाजुक हैं कि प्राथमिक स्कूलों के बच्चे पहाड़ा एवं सामान्य ज्ञान तक नहीं बता पाते। वह यह भी नहीं बता पाते कि स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है। अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के निदेशक भागवत जी ने बुंदेलखंड के सभी जिलों में शिक्षा की दयनीय स्थिति को सर्वे रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया। एद ए एक्शन संस्था के क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश ने शिक्षा जगत में अपने संस्था के कार्य कलापों की जानकारी दे बताया उनकी संस्था विश्व के 2 व भारत के 16 राज्यों में शिक्षा व्यवस्था पर फोकस कर रही है। राष्ट्रीय शैक्षिक संगठन के संगठन मंत्री ओमपाल ने शिक्षा के विकास के लिए शिक्षकों कमी दूर करने के अलावा सरकारी तंत्र के जटिलकरण की बात कही। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि प्रेम सिंह, बाबूलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कृष्ण कुमार भारतीय के अलावा विवि के प्रो. शिवराज सिंह सेंगर ने भी विचार व्यक्त किये। शशि प्रकाश ने भी बुंदेलखंड की शिक्षा व्यवस्था पर आंकडे़ पेश करते हुये सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर बांदा, चित्रकूट व ललितपुर जिलों के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा को लेकर किये गये अध्ययन रिपोर्ट की पुस्तिका ‘एजूकेशन एंड डेवलवमेंट इन बुंदेलखंड रीजन आफ उत्तर प्रदेश’ का भी विमोचन किया गया।