शनिवार को आग ने जिले में ढाया कहर, लाखों रुपये की फसल जलाई

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गोण्डा गांव के 58 किसानों सहित बरगढ़ व मारकुण्डी थाना क्षेत्रा हुआ अग्निकाण्ड फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई समय से

जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्राों में आग लगने से आधा सैकड़ा से अधिक लोगों की दो सौ बीघे की फसल जल कर राख हो गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि अग्निकाण्ड में लगभग लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ितों के परिवारों में हा-हा कार मचा हुआ है। सबसे बड़ा हादसा भरतकूप क्षेत्रा के गोण्डा गांव के एक खलिहान में हुआ। जहां गांव के 58 लोगों की फसलें कतराई के लिए रखी हुई थी। वहीं बरगढ़ के कोनियां गांव में दो परिवारों की 40 बीघे की फसल जल गई। पीड़ितों ने गांव के ही एक युवक पर आग लगाने का आरोप लगाया है।

मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्रा के आपरेशन पोस्ट भरतकूप के नजदीक स्थित गोण्डा गांव में छिप्ती खान के खलिहान में गांव के ही आधा सैकड़ा से अधिक लोगों की फसलें कतराई के लिए रखी थीं। शनिवार को अचानक खलिहान के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन की तारे आपस में टकरा गई और उससे निकली चिंगारियों ने कुछ ही क्षणों में विकराल रूप धारण करते हुए कई बीघे में बने खलिहान में रखी फसल को धू-धू कर जलाना शुरू कर दिया। आग लगातार इतनी विकराल होती जा रही थी कि जिन लोगों की फसलें जल रही थी वह भी दूर से चिंघाड़े मार मार रोने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे थे। दूसरे पहर हुए हादसे की खबर मिलने के लगभग दो घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन लगभग डेढ़ सौ बीघे की फसल जिसमें गेहूं, चना सरसों के साथ दूसरी फसलें भी जल गई। इस दौरान पीड़ित किसान बस यही चिल्ला रहे थे कि अब वे कहां से आगे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पैसा लाएंगे। पीड़ित किसानों में इब्राहीम, गफ्फार, यूसुफ, मुबीन अली, तारिकखान, अबरार, दौलत, रमजान, रामखेलावन, रहमतउल्ला, सत्यनारायण, हनीफ, मंसूर, सिराजुल, नईम, मो. अली, तुफैल, रज्जब, मनीष, लाला, भोला, लक्ष्मी, जहीर, कल्लू, हमीद, अजय, इकराम, मुनीम, जमील, अजय साहू, दौलत खान, सत्तार, खलील आदि 58 लोगों की फसलें जल कर राख हो गई हैं। खलिहान में आग लगने की सूचना पर तहसीलदार अश्वनी श्रीवास्तव भी अधीनस्थों के साथ नुकसान का आंकलन करने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर बरगढ़ थाना क्षेत्रा के कोनियां गांव में शनिवार की शाम लगभग 5 बजे अचानक रामसजीवन व श्यामकली के खलिहान धू-धू कर जलने लगे। पीड़ित किसानों ने तत्काल फायर ब्रिगेड से सहायता मांगी लेकिन देर शाम तक दमकल गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंची थी। जिससे लगभग चालीस बीघे की फसल घंटों जलती रही। पीड़ितों ने मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी मउ मोतीलाल सिंह से गांव के ही  बिहारी उर्फ चिंटू का नाम बताते हुए कहा कि आगजनी के पीछे उसी का हाथ होने की शिकायत की। पीड़ित किसानों ने कहा कि उनकी चना, सरसों व गेहूं की फसल रखी हुई थी। जिसकी कीमत लगभग तीन लाख आंकी गई है लेकिन फायर ब्रिगेड व अन्य प्रशासनिक सहायत समय से न मिलने पर नुकसान ज्यादा होने की बात कहते हुए ग्रामीणों में आक्रोश है। तीसरा मामला मारकुण्डी थाना क्षेत्रा के गोण्डा माफी गांव के मरघटी मजरे का है। यहां हरिश्चन्द्र कोल की दस बीघे की फसल व नजदीक ही मौजूद आम, नीबू व आंवले का विशाल बगीचा जल कर राख हो गया हैं। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार को किसी समय महुआ बीनने वालों ने सफाई के उद्देश्य से कूड़ा एकत्रा कर आग लगाई थी। वहीं आग फैलते हुए उसके खलिहान में पहुंच गई। जिसके कारण खलिहान समेत उसी पास बनी झोपड़ी बगीचाा आदि जल कर राख हो गए।