वैट नियम संशोधन को वापस लेने की घोषणा

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ग्वालियर- राज्य शासन द्वारा वैट अधिनियम में किए गए संशोधन को वापस लिए जाने का व्यापारियों ने स्वागत किया है। प्रदेश शासन ने वैट नियमों में संशोधन करते हुए दीपावली से पूर्व चालीख लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को चार्टर्ड एकाउंटेंट के माध्यम से वैट ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। शासन ने ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की थी।

नए नियम से व्यापारियों में हड़कम्प मच गया था। व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व वित्त मंत्री राघव भाई से मिलकर वैट नियम में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की थी। व्यापारियों की व्यावहारिक मांग को देखते हुए शासन ने उक्त संशोधन को वापस लेने की घोषणा की। शासन के इस निर्णय से व्यापारियों में काफी उत्साह है।

औद्योगिक संगठन चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष गोपाल दास लड्ढा, मानसेवी सचिव विजय गोयल ने कहा कि शासन ने व्यापारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए संशोधित नियम को वापस लिया है उसका चेम्बर ऑफ कामर्स व्यापारियों की ओर से स्वागत करता है। उन्होंने शासन से मांग की है कि भविष्य में वैट नियमों में संशोधन करने से पूर्व व्यापारिक संगठनों को विश्वास में लिया।

शासन ने व्यापारियों में भय का माहौल पैदा करने के लिए नया नियम लगाया था। शासन का यह निर्णय व्यापारियों को राहत प्रदान करेगा। भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कन्हैयालाल आनंद ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे व्यापारी वर्ग काफी खुश है। वैट ऑडिट रिपोर्ट को लेकर व्यापारियों ने शासन पर दबाव बनाया था। व्यापारियों की मांगों को शासन ने स्वीकार किया है।