विकलांगों के साथ हैं अब देश के किन्नर

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सागर- राष्ट्रीय विकलांग पार्टी को छोड़ देश के किसी भी दल ने अब तक किन्नरों को महत्व नहीं दिया है। लोकतंत्र में जब सभी लोगों की समान भागीदारी का प्रावधान है तो विकलांग और किन्नर उपेक्षित क्यों हैं। यह बात विकलांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके दीक्षित ने सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में कही।

दीक्षित ने कहा कि पार्टी किन्नरों, विकलांगों और विधवाओं की भागीदारी राजनीति में सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा पार्टी अपना वोट संगठित करके सरकार पर दबाव बनाएगी। जिससे कि विकलांगों को 1000 रुपए मासिक पेंशन, नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण, बजट और सत्ता में 10 फीसदी हिस्सा मिले। किन्नरों एवं विकलांगों की एकजुटता सरकार के लिए विस्फोटक साबित होगी।

नि:शक्त विकलांग जनकल्याण समिति द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर 6 अक्टूबर को राहतगढ़ बस स्टैंड के पास धरना दिया जाएगा। यह जानकारी समिति अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह विश्वकर्मा ने दी।

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