वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य

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सागर- मकान का नक्शा मंजूर कराने के लिए अब लोगों को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शर्त का पालन करना अनिवार्य हो गया है। यह शर्त 140 वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्र में मकान बनवाने वाले लोगों पर लागू होगी। मप्र नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी जिलों के निकायों के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें शर्त का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की अमानत राशि को बढ़कर दो गुना कर दिया गया है।

आदेश प्रदेश के सभी निगम आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को मिल चुके हैं। नगरीय प्रशासन विकास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 2563 से यह आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में उल्लेख किया गया है कि मप्र भूमि विकास नियम की धारा 78-4 के अनुसार 140 वर्गमीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल के भू-खंड में भवन निर्माण कराने पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्रावधान अनिवार्य कर दिया है। भवन का नक्शा इसी शर्त पर स्वीकृत किया जाएगा।

यदि आवेदक ने मकान का निर्माण कराने के साथ-साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है और इसकी जानकारी नगरीय निकाय को दी है तो इंजीनियर सत्यापन करेंगे। यदि सिस्टम लगा है तो धरोहर राशि वापस कर दी जाएगी। यह राशि भवन भूमि शाखा में जमा होगी। यदि मकान मालिक यह सिस्टम नहीं लगाते हैं तो निगम उनकी धरोहर राशि से यह सिस्टम लगाएगी। जिन लोगों के भूखंड 140 वर्गमीटर से कम हैं उन्हें नक्शा पास कराने के लिए इस शर्त का पालन करना अनिवार्य नहीं है।

सागर नगर निगम में दो साल के दौरान 140 वर्गमीटर से ज्यादा भूखंड वाले मकानों के 150 से ज्यादा नक्शे पास किए जा चुके हैं। संबंधित लोगों से धरोहर राशि के रूप में 5 रुपए लाख रुपए जमा कराए गए हैं।

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से बरसात के पानी को जमीन में रोका जाता है। इससे जल स्तर बना रहता है। सिविल इंजीनियर देवेंद्र जैन के मुताबिक इस सिस्टम में भूखंड के एक हिस्से में कच्चा टैंक बनाया जाता है। उसमें मुरम, लाल मिट्टी और बोल्डर भरे जाते हैं। टैंक से मकान की छत को पाइप डालकर जोड़ दिया जाता है। इससे बरसात का पानी नाली में बहने के बजाए टैंक में एकत्र होता रहता है। इस जमीन का उपयोग लोग गार्डन के रूप में भी कर सकते हैं। इससे मकान के ट्यूबवैल का जल स्तर कम नहीं होगा।

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