लोक अदालत में 720 मामले निस्तारित

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बांदा- रविवार को लोक अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान कुल 720 वाद निस्तारित हुए। अर्थदंड के रूप में 118350 आरोपित किये गये। सुनवाई के दौरान 1169 व्यक्ति लाभांवित हुए।

दीवानी न्यायालय प्रांगण में वृहद लोक अदालत के आयोजन में जनपद न्यायाधीश एनएम लाल की अध्यक्षता में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में सुलह-समझौते द्वारा चार वाद निस्तारित किये गये। पीएन मिश्रा तृतीय अपर जिला जज द्वारा तीन वाद निस्तारित हुए। हरीश कुमार पंचम अपर जिला जज द्वारा एक वाद निस्तारित किया गया। लघु अपराधिक वादों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामलखन सिंह चंद्रौल द्वारा 269 लघु अपराधिक संबंधित वाद निस्तारित किये गये। महिला हिंसा से संबंधित एक वाद का निस्तारण हुआ। सिविल जज सुजीत कुमार जायसवाल द्वारा 23 वाद निस्तारित किये गये। जिसमें 12 उत्तराधिकार संबंधी प्रमाण पत्र जारी किये गये। साथ ही दो व्यवहारिक वाद सुलह-समझौते द्वारा निस्तारित हुए। नौ लघु अपराधिक वाद निस्तारित करते हुए अर्थदंड आरोपित किया गया। पंकज मिश्रा अपर सीजेएम द्वारा 31 वाद निस्तारित करते हुए अर्थदंड आरोपित किया गया। परवेज अख्तर सिविल जज द्वारा 22 लघु अपराधिक वादों का निस्तारण हुआ। दो वाद सुलह-समझौते द्वारा निस्तारित हुए। प्रथम सीजेएम अनिल कुमार यादव द्वारा 65 अपराधिक वाद निस्तारित किये गये। भरण-पोषण संबंधी तीन वाद भी सुलह-समझौते द्वारा निस्तारित किये गये। सिविल जज ब्रह्मरोज चौबे द्वारा 33 वादों का निस्तारण किया गया। इसी के साथ ही राजस्व वादों में नगर मजिस्ट्रेट बांदा ने 41, उप जिला मजिस्ट्रेट बांदा ने 33, उपजिला मजिस्ट्रेट बबेरू ने 55, उपजिला मजिस्ट्रेट अतर्रा ने 28, तहसीलदार बांदा-21, नरैनी-13, बबेरू-14, अतर्रा ने 23 वादों का निस्तारण किया।