लोक अदालत में 310 मुकदमों का निस्तारण हुआ

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चित्रकूट –  जिला न्यायालय प्रांगण में जिला विधिक सेवा प्राधिकर के तत्वावधान में विधिक साक्षारता शिविर तथा पारंपरिक व मनरेगा की लोक अदालत का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों को मनरेगा के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। लोक अदालत में 310 मुकदमों का निस्तारण किया गया।

रविवार को आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव सिविल जज सुभाष चन्द्र ने मनरेगा के विषय में उपस्थित लोगों को बताया कि अगर उन्हें प्रधान या सचिव द्वारा समय से मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता तो वे सीधे न्यायालय में वाद दायर कर सकते हैं। इसके लिए हर माह मनरेगा की विशेष लोक अदालत लगाई जा रही है। जिससे उन्हें यहां से सस्ता न्याय मिल जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से लोक अदालत का लाभ लेने की अपील की। इसके बाद आयोजित पारंपरिक लोक अदालत में उपजिलाधिकारी कर्वी गुलाब चन्द्र ने सर्वाधिक 111 मुकदमें निस्तारित करते हुए 544 लोगों को लाभािन्वत किया। वहीं उपजिलाधिकारी मउ मोती लाल सिंह द्वारा 85 मुकदमें निस्तारित किए गए। बीरेन्द्र कुमार पाण्डेय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 77 मुकदमें निस्तारित करते 3 हजार 8 सौ 65 रुपये अर्थदण्ड वसूल किया गया। इसी तरह तहसील दार कर्वी अश्वनी कुमार ने 21 मुकदमें निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलेश कुमार द्वारा 9 मुकदमें निस्तारित करते हुए 2570 रुपये अर्थदण्ड वसूल किया गया। सिविल जज सुभाष चन्द्र ने 6 उत्तराधिकार के मुकदमें निर्दीत करते हुए 604793 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्रा निर्गत किया गया। त्वरित न्यायालय के द्वितीय के न्यायाधीश लाल चन्द्र ने एक सिविल अपील निस्तारित किया। वहीं आनन्द प्रकाश त्वरित न्यायाधीश प्रथम एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार विश्वकर्मा ने आपसी सुलह समझौता करा के कई मुकदमों का निस्तारण कराया। लोक अदालत में 310 मुकदमों का निस्तारण किया गया।