लू के थपेड़े भी न डिगा पाये आस्था

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सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट पहुचने वाले श्रद्धालुओं पर भीषण गर्मी, चटख धूप व लू के थपेड़ों का कोई असर नहीं हुआ। मंदाकिनी में डुबकी लगाने और कामतानाथ के दर्शन के लिए इन श्रद्धालुओं को सूरज की आग उगलती किरणें भी नहीं रोक पायीं।

अमावस्या में मंदाकिनी में नहाने के साथ ही कामदगिरि की परिक्रमा और कामतानाथ के दर्शन का महत्व सर्वोपरि है। इस बार सोमवती अमावस्या पड़ने से सारा दिन श्रद्धालु बसों व ट्रेनों व अन्य साधनों से धर्म नगरी पहुंचने के लिए बेताब दिखे।भीषण गर्मी की परवाह किये बगैर श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ पैदल ही रामघाट पहुंच कर डुपकी लगाई महिलाओं और बच्चों समेत तमाम श्रद्धालु ट्रेन की छत पर सवार हो धर्मनगरी पहुच कर दर्शन किए। ये लोग खुले आसमान में ट्रेन की छत पर बैठ कामता नाथ की जय जयकार कर रहे थे। वाहनों की कमी देख जनपद में वाहन स्वामियों ने दुगना किराया कर दिया। किराये के वाहन से धर्मनगरी जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ी। सारा दिन का माहौल भक्ति मय रहा। ग्रामीण क्षेत्र से आये हजारों भक्त सारा दिन जय कामतानाथ के उद्घोष करते रहे। इसके चलते मेला सेवा बसों के चलाने के बाद भी ट्रेनों में जगह नहीं बची थी। तपती धूप के बावजूद ट्रेनों में जगह ने मिलने से लोग ट्रेन के ऊपर बैठकर गये।