लहच्यूरा बांध के 13 फाटक और बहे

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महोबा- एक सप्ताह पूर्व लहच्यूरा बांध के चार फाटक टूटने के बाद बुधवार को 13 और फाटक पानी के वेग के साथ बह गये। अब 17 फाटकों के टूट जाने से पानी बर्बाद हो रहा है। यदि सारा पानी बह गया तो पनवाड़ी, राठ व सरीला क्षेत्र की नहरें इस साल सूखी ही रह जायेंगी।

मप्र क्षेत्र में गत पखवारे ठीकठाक बारिश होने से धसान नदी उफान में आ गयी। इस पर झांसी महोबा सीमा में विशालकाय लहच्यूरा बांध बना है। इससे लगभग ढाई लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। बांध के फाटकों की मरम्मत न होने से यह जंग खा गये। पानी बढ़ने के साथ जैसे ही बांध के फाटक खोलने की जरूरत पड़ी तो सारा सिस्टम जवाब दे गया। कुछ हो पाता इसके पहले ही बीते सप्ताह बांध के चार फाटक टूट गये। यहां 169 फाटक हैं। प्रथम बीट के बाद दूसरी बीट के 123 फाटकों को खोलने के लिए एक उड़न खटोला की व्यवस्था है। जिसमें बैठकर विभागीय कर्मी दूसरी बीट में जा वहां के फाटक खोलते हैं। पर जरूरत के वक्त यह भी काम नहीं आया। टूटे चार फाटकों से लाखों क्यूसेक पानी रोकने का प्रयास तो सफल नहीं हुआ। बुधवार को पानी के वेग ने 13 और फाटक तोड़ दिये। इन फाटकों के साथ उनका सीमेंटेड फाउंडेशन भी पूरी तरह बह गया है। जिससे पानी रह पाते इनका दोबारा बन पाना संभव नहीं है। गौरतलब है कि जनपद के पनवाड़ी विकासखंड के पचासों गांवों के साथ ही राठ व सरीला तहसील के लगभग ढाई सौ गांवों की डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई इसी बांध के पानी पर आश्रित है। बांध की देखरेख कर रहे सपरार प्रखंड झांसी के अवर अभियंता कुंदन सिंह के अनुसार पानी बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।