रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज बनवाए जाने के लिए सपाइयों ने केन्द्र व प्रदेश सरकार को लिखा पत्र

0
220

गाड़ियों के आने-जाने के समय शहर के बीच से निकली रेलवे क्रासिंग का फाटक बन्द होने के कारण लोग घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। यदि इसी बीच कोई ट्रक आदि बड़ा वाहन भीड़ में फंस गया तो कोढ़ में खाज की स्थिति बन जाती है। लोगोंं ने क्रासिंग में ओवर ब्रिज बनवाए जाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि  कर्वी राजापुर मार्ग में ही जिला मुख्यालय की मेन मार्केट स्थित है। जहां स्थानीय लोगों के अलावा ग्रामीण इलाकों से भी लेाक आवश्यकतानुसार थोक व फुटकर सामान खरीदने के लिए आते हैंं इसी बाजार से होकर कर्वी-बान्दा की ओर जाने वाली रेलवे लाइन गुजरती है। जिसके कारण ट्रेनों के आने व जाने के समय गेट बन्द होने से अच्छा खासा जाम लग जाता है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजबहादुर यादव का कहना है कि गर्मियों के दिनों में दोपहर को निकलने वाली ट्रेनों के समय गेट बन्द होने से छोटे-छोटे बच्चों को धूप में काफी देर तक खड़े होना पड़ता है क्योकि इसी समय ही स्कूलों में छुट्टी होती  है। निर्धारित सवारी गाड़ियों के अलावा समय-समय पर मालगाड़ियों के निकलने के कारण भी काफी देर तक क्रासिंग का गेट बन्द रहता है। जिससे स्थिति और विकराल हो जाती है। ओपी यादव शिवसंपत सिंह पटेल, लक्ष्मण सिंह पटेल, राधेश्याम यादव, रामकृष्ण यादव, आमिर फारुकी आदि सपाइयों का कहना है कि इसी जाम में यदि कोई ट्रक आदि बड़ी गाड़ी फंस गई तो “कोढ़ में खाज´´ की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा छुट्टी के बाद स्कूल जाने वाले बच्चे धूप में घंटों खड़े रहने के कारण अक्सर बीमार हो जाते हैं। सपा नेताओं ने कहा कि क्रासिंग में लगने वाले जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार में इस मार्ग पर ओवर ब्रिज बनाने  की पहल शुरू की गई थी। जिस पर कुछ प्रक्रिया भी शुरू सम्बंधित विभागों ने शुरू कर दी थी। लेकिन उनकी पार्टी की सरकार के बाद इस ओर ध्यान न दिए जाने के ओवरब्रिज बनाए जाने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया भी बन्द हो गई। पूर्व जिलाध्यक्ष राजबहादुर सहित सपाइयों ने केन्द्र सरकार के रेल मन्त्राी सहित प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग प्रमुख सचिव को पत्रा भेज ओवर ब्रिज बनवाए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मुख्य बाजार में डिवाइडर भी बनवाए जाने के लिए पत्रा में लिखा है।