राष्ट्र निर्माण में सशक्त भूमिका निभायेंगे बच्चे

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चित्रकूट- ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारकर सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लेकर लगाये गये व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन हो गया। इस आवासीय प्रशिक्षण में आधा दर्जन जिले के ज्यादा स्कूलों के बच्चों ने अनुभव को मंच के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका को पूर्ण जिम्मेदारी से निभाने का वादा भी किया।

दीनदयाल शोध संस्थान के गुरुकुल संकुल द्वारा सुरेद्रपाल ग्रामोदय आवासीय विद्यालय में आयोजित ग्रामीण प्रतिभाओं के व्यक्तित्व विकास शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि विकलांग विवि के कुलपति प्रो. एस एन दुबे ने कहा कि आधुनिक युग में नैतिक शिक्षा को प्राथमिक बनाकर शिक्षा देने वाले बहुत कम विद्यालय बचे है। गुरुकुल संकुल की यह परंपरा अनुकरणीय है। इसका प्रत्येक सूत्र शिष्य जीवन के एक नये रहस्य को उजागर करता है। विशिष्ट अतिथि महंत रामहृदय दास ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण देश के अन्य भागों में भी होना चाहिये। गुरुकुल पद्धति शिक्षा पूरे देश में लागू कर दी जाये तो युवा जागृत होंगे। डा. अशोक वाष्र्णेय व चंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा चरित्रवान नागरिक ही किसी राष्ट्र की बुनियाद से गुंबद तक के निर्माण में सहायक होते है। विकलांग विवि की सचिव डा. गीता मिश्रा ने छात्रों को निरंतर प्रगति पथ पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि माता पिता व गुरुजनों का सम्मान करने वाले को निश्चित सफलता मिलती है। इसके पूर्व गुरुकुल संकुल के छात्रों के साथ क्षेत्रीय ग्रामीण बच्चों ने संगीत कत्थक, चित्रकला, योग, कंप्यूटर, निशानेबाजी, तैराकी, कराटे, पिरामिड व जीवनोपयोगी विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।