रतनलाल अहिरवार :मायाबती है परिवाद बाद की समर्थक, स्वामी प्रशाद मौर्य का सही फैसला..

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्या पर निशाना साधते हुए कहा कि मौर्या ने पार्टी छोड़कर बहुत बड़ा उपकार किया है। मैं खुद उन्हें बीएसपी से निकालने वाली थी। मायावती ने आगे कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या बीएसपी में भविष्य को बनाने के लिए आए थे, लेकिन पार्टी में आने के बाद भी वह परिवारवाद का मोह नहीं छोड़ पाए थे। मायावती ने कहा कि उनके पास माया (पैसों) की कमी नहीं है। यदि बीएसपी में टिकट बेचा जाता है तो वो बताएं कि अपने या अपने बच्चों की टिकट के लिए कितना पैसा दिया था।
बीएसपी बॉस ने कहा कि मौर्या को पहले से ही हम पार्टी से निकालने वाले थे। पार्टी नहीं छोड़ते तो हम उसको निकाल देते। उन्होंने कहा कि मौर्या पहले मुलायम के साथ थे और वो मुलायम सिंह के पुराने साथी हैं। दल बदलने की उसकी पुरानी आदत है। वो हमेशा घरभर के लिए टिकट मांगता था। मौर्या चुनाव हारा था फिर भी मैंने एडजस्ट किया। लेकिन उनका मुलायम के प्रति परिवारवाद वाला मोह नहीं हटा।

बसपा सरकार में मंत्री रहे रतनलाल ने मायाबती को बताया परिवाद बाद का समर्थक।

स्वामी प्रशाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में जाने की खबर को सही बताते हुए बसपा सरकार में मंत्री रहे रतन लाल अहिरवार ने कहा कि बसपा में घुट घुट जीने से तो बेहतर है , मगर उन्होंने जो पार्टी चुनी वो उनका मत है , मगर मायावती जी बताए कि नसीमुद्दीन और सतीश चन्द्र मिश्रा क्या इनके लिए उनकी पार्टी में परिवाद वाद नहीं है उनका तो कोई परिवार ही नहीं है अगर होता तो तब भी पार्टी में वही होता जो नसीमुद्दीन और सतीश चन्द्र मिश्रा के साथ हुआ इसमें अकेले सहित चन्द्र मिश्रा के परिवार को बरहा लाल बत्ती से नवाजा गया था।

रतन लाला का बसपा पर बड़ा आरोप

बसपा सरकार में मंत्री रहे रतन लाल अहिरवार ने बसपा पर एक बड़ा आरोप लगते हुए एक खुलासा किया की झांसी के मऊरानीपुर से भाजपा छोड़ बसपा में शामिल हुए प्रयागी लाल अहिरवार को बसपा ने एक करोड़ रुपए में टिकिट दिया प्रयागी लाल पर रुपयों का अभाव की स्थति में झांसी से बसपा से घोषित और मऊरानीपुर से विधायक के सहयोग से माया को माया पहुंचने का काम किया गया है