योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं-जिलाधिकारी

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हमीरपुर- जिलाधिकारी समीर वर्मा ने विकास प्राथमिकता के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चेतावनी दी कि शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जिले की छवि धूमिल हो रही है, वे स्वेच्छा से जनपद छोड़कर चले जायें। यदि अधिकारी शासकीय कार्य का एक चौथाई हिस्सा भी अपने कार्य को समझें, तो बहुत विकास होगा।

जिलाधिकारी ने उन अधिकारियों को आड़े हाथों लिया, जो फर्जी आंकड़ेबाजी करते हैं। वे अपने आचरण में सुधार लायें, तो इसी में उनकी भलाई है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को गलत सूचना देने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी और शासन को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश सीडीओ को दिये। जल निगम के सहायक अभियंता एस एल सक्सेना जब हैंडपंपों की सही स्थिति बता नहीं पाये, तो जिलाधिकारी हत्थे से उखड़ गये। उन्होंने कहा कि यदि आपको कुछ पता नहीं है, तो मीटिंग में क्यों चले आते हैं? सक्सेना को लिखित चेतावनी जारी की गयी है। समाज कल्याण अधिकारी ने शत प्रतिशत वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन कार्य दो महीने में पूरा कर दिया। जिसे जिलाधिकारी ने गलत बताया था। सभी पेंशन धारकों को 5 जून तक कंप्यूटराइज्ड करना था, लेकिन यह काम अभी तक पूरा न होने पर लिखित चेतावनी जारी की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में विसंगतिपूर्ण फर्जी आंकड़े भेजने पर सीएमओ को लिखित चेतावनी जारी की है। क्योंकि भ्रमण में उन्हें 198 एएनएम को हाजिर पाया। जबकि डीएम का कहना है कि एएनएम के गायब होने की शिकायतें उन्हें मिल रही हैं। गेहूं क्रय केंद्रों की हालत खराब होने पर जिलाधिकारी ने पीसीएफ के ओ पी शुक्ला के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की है। जबकि समाज कल्याण निर्माण निगम के सहायक अभियंता नाथूराम द्वारा विभागीय कार्य में रुचि न लेने और गायब रहने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। आधा दर्जन अधिकारियों को उन्होंने हर सप्ताह दो अंबेडकर गांव भ्रमण करने के लिए लिखा है। ताकि कल्याणकारी योजनाओं का सत्यापन हो सके।