मुख्य सचिव के झाँसी आने से पहले बुंदेलखंड को आर्थिक मदद…..

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उत्तर प्रदेश लखनऊ:  सूखे की मार से जिन 21 जिलों में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, उनमें किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार 356.39 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर जारी करने जा रही है। ललितपुर के लिए 60 करोड़ रुपये, बांदा के लिए 38 करोड़ रुपये, झांसी के लिए 25 करोड़ चित्रकूट के लिए 20 करोड़ रुपये, हमीरपुर के लिए चार करोड़ और जालौन के लिए 45 लाख रुपये की रकम स्वीकृत की जा रही है। मुआवजे की धनराशि अब चेक या नकद न देकर कोषागार के माध्यम से ई-पेमेंट के जरिये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचायी जाएगी ताकि उन्हें जल्दी मदद मिले, उनका शोषण भी न हो।

मंगलवार को बुंदेलखंड में सूखे की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए बुलायी गई बैठक के बाद मुख्य सचिव आलोक रंजन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड के सातों जिलों में से प्रत्येक में अनाज के लिए दो-दो करोड़ रुपये और मवेशियों के चारे के लिए एक-एक करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे पहले भी सूखे से प्रभावित 21 जिलों को 84.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। उन्होंने बुंदेलखंड के दोनों मंडलों के आयुक्तों और सभी जिलाधिकारियों को सूखे से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए गांव स्तर पर कैंप लगवाने का निर्देश दिया। वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र किसानों को पारदर्शिता के साथ अनाज बंटवाना सुनिश्चित कराएं। मुख्य सचिव ने बुंदेलखंड में कम से कम 20 घंटे की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वहां रुक कर खुद निगरानी करने का निर्देश दिया। चित्रकूट में ट्रांसमिशन की जरूरत के मुताबिक सब स्टेशन का निर्माण भी कराने के लिए कहा।

मुख्य सचिव ने सूखे से प्रभावित किसानों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने और उनके पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने, पेयजल की आपूर्ति टैंकरों से सुनिश्चित कराने के लिए कहा। बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा, उद्यान विभाग की प्रमुख सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा, चित्रकूट के मंडलायुक्त एल. वेंकटश्वर लू, झांसी के जिलाधिकारी अनुराग यादव, कृषि निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।