मानिकपुर जंक्शन में पेयजल संकट

0
248

चित्रकूट- जिले के सर्वाधिक व्यस्ततम मानिकपुर जंकशन में यात्री पानी के लिए भटकते नजर आते हैं। पेयजलापूर्ति के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा झांसी से प्रतिदिन टैंकर से पानी भेजा रहा है। यह उपाय भी इस गर्मी में नाकाफी साबित हो रहे है। झांसी से प्रतिदिन विशेष टैकर में पानी तो भेजा जाता है पर लीकेज होने पर आधा पानी तो बेकार ही बह जाता है।भीषण गर्मी में जब प्यास लगती है तो पानी तो अमृत जैसा लगता है।
पानी की कमी तो पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में है। रेलवे स्टेशन भी इससे अछूते नही हैं। रेल प्रशासन यात्रियों को पानी पिलवाने के लिये प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च कर रहा है पर मानिकपुर जंकशन में पेयजल समस्या बरकरार है। यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री उतरकर पानी खोजते हैं पर उन्हें जब पानी नही मिलता तो 12 रुपये में पानी की बोतल खरीदना उनकी मजबूरी है। स्टेशन के बाहर लगे हैण्डपंप में भी भीड़ लग जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए रेल प्रशासन प्रतिदिन झांसी से पैंसेजर ट्रेन में टैंकर की बोगी लगाकर पानी सप्लाई कर रहा है। एक टैकर के मत्थे पहले तो हजारों लोगों की प्यास बुझनी संभव नही है। दूसरा जिस टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है उसमें लीकेज के चलते आधा पानी तो बेकार ही बह जाता है। किसी रेल अधिकारी का ध्यान इस ओर नही जा रहा। आईओडब्लू एच एल सिंह ने कहा कि टैकर में लीकेज होने के बारे में उन्हे जानकारी नही है। उधर, स्टेशन प्रबंधक ए के सक्सेना ने कहा कि इस मामले में तथ्यपरक जानकारी आईओडब्लू ही दे सकते है।
मानिकपुर जंकशन के प्लेटफार्म न. एक व दो के आधा दर्जन नलों की टोटियों पर शरारती तत्वों द्वारा लकड़ी घुसेड़ कर जाम कर दिया गया है। जिससे लोगों को पानी नही मिल पाता। कुछेक नल चालू भी है तो उसमें खौलता हुआ पानी निकलता है।