महिला सिपाही की कमी

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ग्वालियर. महिला पुलिस बल की कमी से जूझ रहे जिला पुलिस प्रशासन ने पुलिस मुख्यालय से 240 महिला पुलिस कर्मियों की मांग की है। महिला बल की कमी कारण आपराधिक मामलों में महिला आरोपियों से समय पर पूछताछ नहीं हो पाती जिससे जांच कार्य अटक जाते हैं। शहर में इस समय मात्र 54 महिला पुलिसकर्मी हैं। हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन मामलों में फरियादी, आरोपी या संदेही पक्ष में महिलाओं का नाम आने पर महिला पुलिस कर्मियों की मदद लेनी पड़ती है। चाहे संदेहियों या आरोपियों को घर से बुलाना हो या उनसे पूछताछ करनी हो, महिला पुलिसकर्मी को साथ लिया जाना जरूरी होता है। महिला पुलिस कर्मियों की कमी के कारण जांच का काम प्रभावित होता है, प्रकरण लंबित हो जाते हैं। अनेक पAकरण अनसुलझे रह जाते हैं। हाल में जनकगंज, पड़ाव व कम्पू पुलिस थाना क्षेत्रों में पकड़े गए चेन स्नेचरों का सहयोग करने वाली महिलाओं से पूछताछ करने में दिक्कत आई। महिला पुलिस कर्मियों की संख्या कम होने के कारण हर मामले में बार-बार इन्हीं को बुलाना पड़ता है। शहर में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय को एक प्रस्ताब  भेजा गया है। प्रस्ताब  में 240 महिला पुलिसकर्मियों की मांग की गई है।
इस समय 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर की पुलिस में मात्र 56 महिला पुलिसकर्मी हैं। मैदानी अमले में एक महिला एसडीओपी सुमन गुर्जर, एक निरीक्षक सोनाली सुना ही हैं। महिला उप निरीक्षकों की संख्या 4 है, ये हैं, शैलजा गुप्ता, अनीता मिश्रा, प्रीती भार्गव व आराधाना डेविड है।240 महिला पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा, इनमें 33 थानों में 66, पुलिस लाइन में 24, हेल्पलाइन पर 42 व बाकी सात परामर्श केन्दो पर तैनात की जाएंगी।

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
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