महिलाओं का आर्थिक उत्थान जमीन में सहखातेदारी से होगा

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लखनऊ से आयी नीलम प्रभात ने शनिवार को आक्सफोम इंडिया व जीईएजी के सहयोग से समर्पण जन कल्याण समिति के तत्वावधान में गणेश धाम में आयोजित महिला किसान अधिकार मंच के प्रतिनिधियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण में कहा कि जमीन व संपत्ति में बराबर का अधिकार महिलाओं को मिलना चाहिये। सह खातेदारी के बिना महिला का आर्थिक उत्थान नहीं हो सकता।

नीलम प्रभात ने कहा कि महिलायें जमीन अधिकार संबंधी जानकारी और संगठित होकर घर, समाज, सरकार को संवेदित करने का काम करे तो उन्हे उनके अधिकार अवश्य मिलेंगे। उन्होंने कहा कि महिलायें घर बैठने की प्रवृत्ति का त्याग करे और आगे बढ़ने की सोच अपने अंदर पैदा करे। संस्था के निदेशक राधेकृष्ण ने कहा कि वर्तमान की आवश्यकता है कि समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जाये और बुद्धिजीवी वर्ग उनके अधिकारों को दिलाने के लिये सकारात्मक पहल करे। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा तो तरक्की के रास्ते अपने आप खुल जायेंगे। लोगों को महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का त्याग करना चाहिये। सुमित्रा संस्थान राठ के कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास बढ़ने से काफी परिवर्तन आया है। यह प्रयास उन्हे जारी रखना होगा। क्षमता विकास प्रशिक्षण में नुजहत अंसारी ने कहा कि गांवों में महिलायें खेती का कार्य पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा करती है। उनकी दिन रात की मेहनत से ही खेतों का अनाज घर तक पहुंचता है। फिर भी उन्हे उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। इस अवसर पर बाहरी जनपदों से आये प्रतिनिधियों ने जागरूकता के लिये नुक्कड़ नाटक, टीम संचालन की रूपरेखा बनायी और उसको कसौटी पर परखा। इस मौके पर कई समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।