महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में दो संकायों के छात्र आपस में भिड़े

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गुस्साए छात्रो ने विवि परिसर में खड़े वाहनों को पहुंचाया नुकसान

प्रशासन ने अनिश्चिकाल के लिए की छुट्टी,  शाइनडाई घोषित कर हास्टल भी खाली कराए

चित्रकूट –   महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में दो संकायों के छात्रो के बीच काफी दिनों से चली आ रही तनातनी   व मारपीट शुक्रवार को भारी बवाल में उस समय तब्दील हो गई जब बीते दिनों एग्रीकल्चर विभाग के छात्रो के हाथों पिटे बीबीए के लड़कों ने अपने स्थानीय साथियों के साथ मिल परीक्षा दे रहे एजी के छात्रो के ऊपर धावा बोल दिया। लाठी डण्डे लेकर पहुंचे छात्रो ने अपने विरोधियों को दौड़ा-दौड़ा कर तो पीटा ही साथ ही छात्राओं के साथ भी अभद्रता की। बीबीए के छात्र इतने उग्र हो गए थे कि गुस्से में आकर उन्होंने प्रौद्योगिकी संकाय के पास खड़ी चार मोटर साइकिलों में पेट्रोल डाल फूंक डाला। इसके अलावा समीप ही खड़ी  एक प्रोफेसर की बाइक को भी नुकसान पहुंचाया। विवि प्रशासन ने  भारी पुलिस बल के साथ उपद्रवी छात्रो को खदेड़ कर विश्वविद्यालय  अनिश्चित काल तक के लिए बन्द करते हुए शाइन डाई घोषित कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी को परिसर के हास्टल खाली करने की चेतावनी दी है। इसके बाद छात्रो को विवि की बसों में बैठा जिला मुख्यालय कर्वी और पड़ोसी जनपद सतना के लिए पुलिस सुरक्षा में रवाना कर दिया। जबकि छात्राओं से शनिवार तक हास्टल खाली करने के लिए कहा गया है। वहीं मारपीट में घायल लगभग आधा दर्जन छात्रा व एक सुरक्षा कर्मी को इलाज के लिए सतना भेजा गया है। mgvv3

चित्रकूट के मध्यप्रदेश क्षेत्रान्तर्गत स्फटिक शिला के समीप स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को   उस समय हड़कंप मच गया जब परीक्षा दे रहे एग्रीकल्चर के प्रथम सेमेस्टर के छात्रो पर मैनेजमेंट फैकल्टी के लड़कों लाठी डण्डे लेकर हमला बोलते हुए उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। छात्रा बताते हैं कि बीबीए के इन लड़कों के साथ स्थानीय लड़के भी थे जो उनके साथ पढ़ने वाली छात्राओं के साथ भी बदसलूकी कर रहे थे। उपद्रवी छात्रो ने प्रोफेसरों के ऊपर भी पथराव कर फैकल्टी में काफी तोड़ फोड़ की। इस दौरान उनके कुछ साथियों ने नजदीक ही बने प्रौद्योगिकी संकाय के सामने खड़ी चार मोटर साइकिलों में पेट्रोल डाल आग लगा दी। इतने पर भी जब उनका गुस्सा शान्त नही हुआ तो उन लोगों ने कुछ ही दूरी पर खड़ी प्रोफेसर अमरदीप सिंह की बाइक में लाठी डण्डे चलाने शुरू कर दिए जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस बीच विरोध करने पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी राजाराम निरंकारी को भी पीट डाला। विश्वविद्यालय में गिनती के मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ सुरक्षा विभाग के लोगों ने उपद्रव मचा रहे छात्रो को खदेड़ना शुरू किया तो छात्र उन पर पत्थर बरसाते हुए नजदीक की पहाड़ी में चढ़ भाग खड़े हुए। mgvv-1

इधर हंगामे की खबर पाते ही एसडीएम मझगवां गजेन्द्र सिंह वैश्य, एसडीओपी नयागांव भानु प्रताप सिंह, कुलसचिव प्रो. ललित सिंह एग्रीकल्चर फैकल्टी पहुंचे और घायल छात्रो को विश्वविद्यालय की गाड़ियों में लाद सद्गुरु चिकित्सालय भिजवाया। जहां से एजी संकाय के घायल छात्रा त्रिलोक सिंह निवासी बुरहानपुर, राहुल पाटीदार निवासी खरगौन, प्रदीप राजपूत निवासी मुरैना, दीपक राठौर निवासी देवास, सुनील वात्सल्य निवासी बाडवानी व सुरक्षा कर्मी राजाराम निरंकारी को सतना भेज दिया गया। इसके बाद कुलसचिव ललित सिंह, कुलानुशासक डीपी राय समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने आपातकालीन बैठक बुलाई जिसमें वीसी प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह से चर्चा के बाद विश्वविद्यालय को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया। इसके अलावा शाइनडाई घोषित करते हुए विश्वविद्यालय के चारों ब्वायज हास्टल के छात्रो को शाम 5 बजे दोघंटे का अल्टीमेटम देते हुए पुलिस की मौजूदगी में हास्टल खाली करा लिया। इस दौरान देर शाम छात्रो की मांगों पर उनको जिला मुख्यालय कर्वी व सतना तक विवि के वाहन से पुलिस सुरक्षा में भेजा गया। जबकि छात्राओं से शनिवार को हास्टल खाली करने के लिए कहा गया है।  वहीं कुल सचिव प्रो. ललित सिंह ने कहा कि एग्रीकल्चर व मैनेजमेंट के छात्रो की कई दिनों से चल रही आपसी तनतनी व विवाद की जांच विवि की कमेटी के लोग कर रहे थे लेकिन शुक्रवार के छात्रो ने फिर विवाद किया। जिसके चलते विश्विद्यालय को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया गया हैं पूरे मामले की जांच कर दोषी छात्रो के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि मामले की जांच पुलिस भी अपने स्तर से कर रही है। विश्वविद्यालय में तनाव पूर्ण माहौल व शिक्षा के मन्दिर में इस तरह का उत्पात कतई नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। वहीं घटना के बाद से विवि परिसर में नयागांव एसओ अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

ग्रामोदय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को दो संकायों के छात्रो के बीच हुए लड़ाई झगड़े के कारणों पर जहां  विश्वविद्यालय प्रशासन कतराता रहा वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र व कर्मी आपस में तरह-तरह की चर्चा करते रहे। विवि के लोगोेंं ने बताया कि एग्रीकल्चर और बीबीए के छात्राों के बीच काफी दिनों से आपसी तनातनी चल रही थी। वहीं एग्रीकल्चर के छात्रो का कहना था कि बीबीए के ज्यादातर छात्रा पड़ोसी जनपदों के हैं और इसका नाजायज फायदा उठाते हुए उन्हें परेशान करते हैं। एजी के सीनियर छात्रो ने बीबीए के छात्रो पर तो यहां तक आरोप लगाया कि वे लोग   उनकी फैकल्टी मे आए नए छात्रो को अकारण ही परेशान करते हुए चोरीछुपे रैगिंग करने की भी कोशिश करते हैं इसके अलावा हास्टल में रहने वाली उनके संकाय की छात्राओं के साथ भी आए दिन अभद्रता की जाती है। एग्रीकल्चर के छात्रो ने कहा कि बीबीए के छात्रो की हरकतों की शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से करने के बावजूद भी किसी प्रकार की कार्रवाई उनके खिलाफ नहीं की गई जिसके कारण उनके हौसले बुलन्द हैं। एजी के छात्रो ने घटना के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए कहा कि उनके द्वारा जब भी बीबीए के छात्रो का विरोध किया गया तो आपसी मारपीट हुई। वहीं पता चला कि गुरुवार को एजी के छात्रो ने भी  कैंटीन में नाश्ता कर रहे बीबीए के मोस्ट सीनियर छात्रो की पिटाई की थी। जिसमें कैंटीन संचालक आलोक द्विवेदी ने स्वीकारा की उसका काफी फर्नीचर टूट गया है। लेकिन हीला-हवाली के चलते उपद्रव फैला रहे छात्रो के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर विवि परिसर में कुछ लोग यह भी कानाफूसी करते रहे कि दोनों संकायों के छात्रो को विवि के कुछ कर्मियों और प्रोफेसरों ने भी हवा दी है। जिसके कारण लगातार पिछले तीन दिनों से विवाद हो रहा था। जिसका बड़ा परिणाम शुक्रवार को देखने को मिला।

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