मप्र के ताज में एक और ‘हीरा’

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भोपाल- बहुराष्ट्रीय कंपनी रियो टिंटो छतरपुर में खोजे गए हीरों की छंटाई का काम दीपावली बाद शुरू करने जा रही है। 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान यहां प्रोसेसिंग प्लांट का शुभारंभ करने वाले हैं।

बंदर डायमंड प्रोजेक्ट के तहत पहली बार यहां के हीरे दुनिया के बाजार में पेश होने के लिए तैयार होंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार बंदर प्रोजेक्ट प्रदेश में पहले से स्थित पन्ना की विख्यात हीरा खदान से 20 गुना ज्यादा उत्पादन करेगी। वर्ष 2002-06 के बीच इस इलाके में हीरे की खोज की गई थी।

बंदर प्रोजेक्ट का भंडार 40 से 70 मिलियन टन और ग्रेड 0.3 से 0.7 कैरेट प्रति टन बताया गया है। छतरपुर से करीब सौ किमी दूर बकस्वाहा के निकट यह प्लांट बनकर तैयार है। खदान क्षेत्र में ही डेंस मीडिया सेप्रेशन (डीएमएस) प्लांट की तैयारियां लंबे समय से जारी थी, जिसका उद्घाटन अब होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में करीब डेढ़ सौ लोग काम कर रहे हैं और अधिकतर आसपास के गांवों के लोग हैं।

सूत्रों ने जानकारी दी कि काम शुरू होने के बाद काम करने वाले श्रमिको की संख्या चार सौ के आसपास होगी। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी 120 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। यहां 60 हजार हेक्टेयर में दो माइनिंग लीज हैं।

यहां से निकले कच्चे माल की प्रोसेसिंग फिलहाल रियो टिंटो के बेंगलूर प्लांट में की गई है। कंपनी हीरा उत्पादन आस्ट्रेलिया, कनाडा और अफ्रीकी देशों में अपनी खदानों से कर ही रही है। भारत के हीरा व्यापार से भी रियो टिंटो का ताल्लुक ढाई दशक पुराना है। खनिज राज्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल व प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव भी इस समारोह में शामिल होंगे।