मनरेगा के कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर दो ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

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अंबेडकर गांव पहरा व गोड़ा का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान प्रधानपतियों को देख भड़के जिलाधिकारी मौके से भगाया
शिकायत मिलने पर ग्राम रोजगार सेवक की खत्म की सेवाएं
जलनिगम एक्सईएन से कहा तीन दिन में ठीक कराएं दोनों गांव के हैण्डपंप

चित्रकूट – निरीक्षण के समय प्रधान पतियों को साथ देख कड़ी फटकार लगाते हुए डीएम ने उन्हें मौके से भगा दिया। इसके साथ ही अनियमतिता के अरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करते हुए रोजगार सेवक की सेवाएं समाप्त कर दी। इतना ही नहीं जिलाधिकारी ने खाता खोलने के लिए घूस मांगने वाले बैंक मैनेजरों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली बार शिकायत मिली तो वे उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेंगे। विकास खण्ड कर्वी के अंबेडकर गांव पहरा व गोड़ा का जिलाधिकारी विशाल राय ने शनिवार को भ्रमण किया। अपने भ्रमण के दौरान गांव में कराए गए कार्यों से वे असन्तुष्ट भी दिखे।

जिलाधिकारी श्री राय ने कहा कि मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में सम्बंधित लोगों ने  भारी अनियमितताएं करते हुए शासन के धन की चोरी की है। वे इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराकर दोषियों को दण्डित कराएंगे। अपने भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से गांव मे कराए जा रहे विकास कार्यों के बारे में पूछते हुए नाली खड़ंजा, शौचालय, इन्दिरा व महामाया आवास, आदि की जानकारी भी ली। इसके अलावा गांव में गम्भीर रूप से बीमार लोगों के बारे में भी लोगों से पूछा। जिस पर उन्हें बताया कि गांव के कुछ लोग टीबी की बीमारी से ग्रसित हैं। इस पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग को ऐसे लोगों के आवेदन पूरे करवा पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए कहा। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बीपीएल परिवार के किसी मुखिया की मृत्यु होती है तो उसके परिवार के आश्रितों को शासन की ओर से बीस हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा उन्होंने ग्राम प्रधान, लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गांव के किसी असहाय की मौत भूख व प्यास से होती है तो इसके लिए वे जिम्मेदार होंंगे। इसके अलावा ग्रामीणों से कहा कि यदि ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी किसी भी प्रकार की अनियमितता करते हैं या फिर मास्टर रोल में हेराफेरी करते हैं तो इसकी शिकायत करें उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच थोथी नाला में हुए निर्माण कार्यों की जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अवर अभियन्ता महेश कुमार से कराई। जिलाधिकारी के आदेश पर नाले की नाप की गई तो पता चला कि इसकी चौड़ाई 5 मी., लं. 18.90मी. व मोटाई 30 सेमी थी। जो चार लाख 20 हजार रुपये की धनराशि की लागत से बनाया गया था। इस पर असन्तुष्ट होते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इसकी विस्तृत जांच लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता से कराई जाए। मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्य स्थल पर निरीक्षण करते समय जिलाधिकारी श्री राय ने देखा कि वहां पर शासकीय मानक के अनुरूप तंबू नहीं लगाया गया था। और न ही मेडिकल किट ही थी। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं दिखी। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद व्यास कुण्ड तालाब का निरीक्षण किया जिसकी खुदाई ठीक से नहीं कराई गई थी। तालाब पर वृक्षारोपण न देख पुराना स्टीमेट उपलब्ध कराने के लिए कहा।

इसी तरह अंबेडकर गांव गोड़ा के जबरा तालाब में भी जिलाधिकारी को तंबू नहीं लगा मिला जिस पर उन्होंने कार्य स्थल के पास तंबू लगाने के लिए कहा। यहां की गरीब महिलाओं ने बताया कि जॉब कार्ड बनाने के लिए उनसे सौ-सौ रुपये सुविधा शुल्क के लिए मांगे जाते हैं। इसके अलावा आवास उपलब्ध कराने के लिए भी सम्बंधित लोगों द्वारा 5-5 हजार रुपये की घूस मांगी जाती है। गरीब महिलाओं द्वारा इतना कहे जाने पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही गोड़ा गांव के गाम पंचायत अधिकारी राम नारायण सिंह को आरोप पत्र जारी करते हुए निलंबित कर दिया। यहां के लोगों ने बताया कि उनके गांव का रोजगार सेवक श्याम मिलन भी खाते आदि खुलवाने में सुविधा शुल्क की मांग करता है तो जिलाधिकारी श्री राय ने तत्काल उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं।

इसी प्रकार जिलाधिकारी ने पहरा गांव में मनरेगा के कार्यों में अनियमितता बरतने के आरोप में वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी मोहनलाल सिंह को भी निलंबित कर दिया। इसके साथ ही बैंक मैनेजरों को भी चेतावनी दी कि यदि खाते खोलते समय ग्रामीणों से घूस मांगी गई तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान राम आसरे पुत्रा गजोधर ने अपने खेत की फसल करारी के कुछ दबंगों द्वारा काट लिए जाने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने व की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्री राय ने पीडी पीके श्रीवास्तव से कहा कि लघु सीमान्त किसानों के खेतों में मनरेगा के तहत काम करवाए जाएं और काम करने वाले मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान भी किया जाए। जिलाधिकारी ने दोनों गांव के निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधानों के स्थान पर उनके पतियों को उपस्थित देख उनको कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आज जब महिलाएं हर क्षेत्रा में आगे आ रही हैं तब भी आप लोग महिलाओं का शोषण करने में लगे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान यदि महिला है तो वह ही उनके निरीक्षण के समय में उपस्थित रहेगी। इस बीच जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता को तीन दिन के अन्दर ग्राम प्रधान की सहायता से दोनों गांव के खराब हैण्डपंप ठीक कराए जाने के लिए कहा। इस अवसर पर बीडीओ केडी भारती सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
श्री गोपाल
09839075109
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