मध्यप्रदेश गान का गायन हो

0
202

मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संधोधित मध्य प्रदेश गान जारी करते हुऐ सभी शासकीय कार्यालयों, महाविद्यालयों एवं स्कूलो के साथ-साथ शासकीय कार्यक्रमों/आयोजनो में जहाँ भी राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन होता है वहा उक्त गायन के साथ-साथ मध्यप्रदेश गान का गायन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मध्यप्रदेश गान
सुख का दाता, सब का साथी, शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है।
कविता, न्याय, वीरता, गायन सब कुछ यहाँ विशेष है,
हृदय देश का यह, मैं इसका, मेरा मध्यप्रदेश है।

क्षिप्रा में अमृत घट छलका, मिला कृष्णा को ज्ञान यहाँ,
महाकाल को तिलक लगाने मिला हमें वरदान यहाँ,
उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहाँ अशेष है,
स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है।

चंबल की कल-कल से गुंजित कथा तान, बलिदान की,
खजुराहो में कथा कला की, चित्रकूट में राम की।
भीमबैठका आदिकला का पत्थर पर अभिषेक है,
अमृत कुण्ड अमरकंटक में, ऐसा मध्यप्रदेश है।

विंध्याचल सा भाल, नर्मदा का जल जिसके पास है,
यहाँ ज्ञान विज्ञान कला का, लिखा गया इतिहास हैं।
कविता, न्याय, वीरता, गायन सब कुछ यहाँ विशेष है,
हृदेय देश का यह, मैं इसका, मेरा मध्यप्रदेश है।

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है।

Mohd. Imran Khan
09893223536