मंदिर के चबूतरे पर बैठकर ग्रामीणों ने अपने प्रतिनिधियों का किया चयन

0
198

सेंवढ़ा(ग्वालियर)– एक तरफ पंचायतों में पंच-सरपंच पद के लिए ग्रामीणों के बीच कड़ी जोर आजमाइश चल रही है। वहीं सेंवढ़ा  की एक ग्राम पंचायत ऐसी भी है जहां दूसरी बार चौपाल पर बैठकर सर्वसम्मति से पहले सामाजिक स्तर पर सरपंच तथा पंचों का चुनाव हुआ। इसके बाद देश के संविधान के नियमों का पालन करने की कार्रवाई। अब इस कार्रवाई को निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलनी बाकी है। लेकिन, सभी पदों के लिए एक-एक आवेदन कर ग्रामीणों ने अपना जनादेश दे दिया है।

सेंवढ़ा से महज 6 किमी की दूरी पर बसी है बस्तूरी ग्राम पंचायत। पिछली बार की तरह इस बार भी एक मंदिर के चबूतरे पर बैठकर ग्रामीणों ने अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। बस्तूरी ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच सुरेंद्रसिंह चौहान तथा उनके पंच भी 5 वर्ष पहले इसी प्रकार चुने गए थे।

गांव से सरपंच पद के लिए बिट्टी होशियार खां ने नामांकन फार्म जमा किया है। इसके अलावा 14 वार्ड के पंच पदों के लिऐ क्रमश: नरेश, रानी, जयवीर, मीरा, जसोदा, ऊषा, अशोक, बबलू, हाकिम, चिरांेजी, गोविंददास, भूरीदेवी, कल्यान¨सह तथा कोमलसिंह शामिल हैं। पूरी पंचायत निर्विरोध चुने जाने पर शासन की ओर से विशेष पुरस्कार दिए जाने की योजना है। यह संभवत: पहला अवसर होगा जब कोई पंचायत दूसरी बार इस इनाम को प्राप्त करेगी।

तहसीलदार एसडी धाकड़ के अनुसार 6 जनवरी तक नामांकन फार्म वापसी होगी। उसके बाद जिन पदों के लिए एक-एक आवेदन आया है उसकी सूची निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। आयोग से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जाएगी।

वर्ष 2007 में बस्तूरी गांव को निर्मल ग्राम घोषित किया जा चुका है। इस बावत गांव के सरंपच सुरेंद्रसिंह चौहान को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया था। साथ ही गांव के विकास के लिऐ 1 लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई थी।