मंगलवार को सूर्यदेवता ने उगली आग भीषण गर्मी से बिलबिलाए लोग जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाक़ों का पारा पहुंचा 51 पर पाठा इलाके में छटपटा गए पशु-पक्षी भी पेड़ों की छांव ढूंढबचाई जान

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भीषण गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि पिछले माह हुई बून्दाबान्दी से यह लग रहा था कि जून  के पहले हफ्ते से ही बारिश होने लगेगी। लेकिन लोगों की उम्मीद पर पानी फेरते हुए मौसम अभी भी बेरुखी अपनाए हुए हैं। जिसके चलते लोगों का जीना मुहाल हो गया। पाठा क्षेत्रा में तो हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। भीषणगर्मी के कारण मंगलवार को जिले का तापमान 51 डिग्री सेल्सिय तक पहुंच गया। कड़ी धूप में आमजन मानस के साथ-साथ पशु पक्षी भी बिलबिला उठे और छांव की तलाश में इधर-उधर पेड़ों के नीचे बैठ अपनी जान बचाते रहे।k

वैसे तो मार्च महीने में  होली के बाद से ही गर्मी का एहसास होने लगा था। और लोगों को यह आभास होने लगा था कि इस बार गर्मी से जल्दी छुटकारा नहीं मिलेगा। अप्रैल के अन्तिम सप्ताह से ही जिले के लोग भीषणगर्मी से छटपटाने लगे थे। जिसके चलते लोग सुबह से ही अपने काम निपटा दोपहर होते-होते घरों में आराम फरमाने लगते थे। मई माह के पहले ही दिन से आसमान में बदली देख लोगों ने यह अनुमान लगा लिया था कि इस बार जितनी जल्दी गर्मी पड़ी है उतनी ही जल्दी बारिश भी होगी। लेकिन छुटपुट बून्दाबान्दी से मौसम में और उबाल आ गया। जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया। गर्मी से राहत दिलाने वाले कूलर, फि्रज आदि ने भी इस जोरदार गर्मी में काम करना बन्द कर दिया। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां आमजन का जीना दूभर हो गया वहीं दूसरी ओर पशु-पक्षियों को भी अपनी जान बचानी मुश्किल हो गई। जिस तरह मई के पहले दिन हल्की बदली ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई थी ठीक उसके बिपरीत मानसून की आहट देने वाले जून माह के पहले दिन मंगलवार को जिले में सूर्य देवता ने आग बरसा दी। जिसके चलते तापमान का पारा 51 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। वहीं मानिकपुर प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार सबसे गर्म दिन रहा। पथरीला इलाका और पानी की कमी होने के कारण पहले से ही लोग गर्मी झेल रहे थे। मंगलवार को तो लोगों को लगा कि स्वयं सूर्य भगवान जमीन में आ गए हैं। सुबह से ही कड़ी धूप निकलने के कारण लोग अपने घरों से ही नहीं निकल सके। उधर बड़े तो किसी तरह गर्मी झेलते रहे लेकिन छोटे-छोटे बच्चों को गर्मी से बचान लोगों के लिए मुश्किल हो गया। पाठा के मानिकपुर के देवमुनि द्विवेदी, हरवंश प्रसाद तिवारी, शिवऔतार त्रिपाठी, पदुम नारायण त्रिपाठी, पुनीत सिंह आदि कस्बा निवासियों ने बताया कि मंगलवार को भीषण गर्मी के कारण उनके कूलर और फि्रजों ने जवाब दे दिया। जिसके चलते वे जरा सी ठण्डी हवा और एक गिलास ठण्डे पानी तक को तरस गए। इन लोगों ने बताया कि जब कस्बावासियों ने इतनी गर्मी झेली तो फिर ग्रामीण इलाकों के लोगों का क्या हाल रहा होगा। जिनके पास घड़ा तक नहीं होता उन्हें इस गर्मी में ठण्डा पानी कहां से मिला होगा। पाठा इलाके में भीषणगर्मी के चलते पशु-पक्षी भी बेहाल हो पेड़ों की छांव में अपनी जान बचाने में लगे रहे। लोगों ने अनुमान लगाया कि मंगलवार को मानिकपुर का तापमान लगभग 52 डिग्री सेल्सियस तक रहा होगा।