भिण्ड-श्योपुर में रोगी अधिक

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ग्वालियर- बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में मच्छरों की संख्या में वृद्धि का अनुमान है। दीपावली के आसपास तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव के फलस्वरूप फेल्सीफेरम व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। चंबल संभाग के भिण्ड व श्योपुर बुखार के मामले में अंचल के अन्य जिलों से अधिक प्रभावित हैं।

दो दिन की बारिश के बाद जिले के मलेरिया विभाग की चिन्ता बढ़ गई हैं। बारिश के पानी में दस दिन तक लार्वा रहने के बाद मच्छर पैदा होंगे जो बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ा सकते हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश यदि रुक-रुक कर होती रहेगी तो मच्छरों की बढ़ती संख्या रुक सकेगी। जिला मलेरिया अधिकारी आरके सोनी के अनुसार, अक्टूबर में अन्य माह की तुलना में फेल्सीफेरम व डेंगू के मरीजों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अधिकतर घरों में कूलर अब नहीं चल रहे हैं, पर इनमें पानी भरा हुआ है। घर में मच्छर पैदा न हो, इसलिए कूलर का पानी निकालकर सुखा लें। छत पर रखे कण्डम सामान में यदि बारिश का पानी जमा हो गया है तो उसे फेंक दें। कुछ घरों में फ्लावर पॉट रखे जाते हैं। इनका पानी सप्ताह भर में बदल दिया जाए ताकि मच्छर पैदा न होने पाएं। बुखार आने पर किसी वरिष्ठ चिकित्सक से जांच कराई जाए। रक्त पट्टी जरूर बनवाई जाए। तापमान 15 डिग्री से कम होने पर मच्छर जनित बीमारियां खत्म हो जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले माह संभागीय समीक्षा बैठक में मलेरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी व्यक्त की थी। बैठक में मलेरिया रोगियों की संख्या भी जिला वार पेश की गई।