ब्ंुादेली भाषा को मान्यता सम्बन्धी प्रस्ताव म.प्र.विधान सभा में पारित

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अखिल भारतीय बंुदेलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद् के लखनऊ अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र अग्निहोत्री ने बताया कि बंुदेली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में षामिल करने सम्बन्धी प्रस्ताव 24फरवरी12 को म.प्र. विधान सभा ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। प्रस्ताव विधायक यादवेन्द्र सिंह टीकमगढ़ द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसका अनुमोदन लक्ष्मीकाॅत षर्मा संस्कृति मंत्री एवं .संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा कर सर्वसम्मति से सदन ने पारित किया। प्रस्ताव में भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि करोड़ों बंुदेलखण्डियों की मातृभाषा बुंदेली को आठवीं अनुसूची में षामिल कर उन्हें उनका गौरव प्रदान किया जावे। अखिल भारतीय बंुदेलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद् ने समस्त बंुदेलखण्ड की प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुये विधानसभा अध्यक्ष श्री रोहाणी जी, संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकान्त षर्मा ,मंत्री नरोत्तम मिश्र और विधायक यादवेन्द्र सिंह का हार्दिक आभार ज्ञापन कर कृतज्ञता प्रदर्षित की है। उल्ल्ेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा अभी तक 22भाषाओं को आठवीं अनुसूची में षामिल किया गया है जिनमें से अनेक संख्या और प्राचीनता में बंुदेली से कमतर भाषायें भी हैं जबकि अनेक बार साहित्य सम्मेलनों द्वारा पारित होने के बावजूद सरकार बंुदेलखण्डियों की यह माॅंग पूरी नहीं कर रही थी।इससे बंुदेली भाषा को संविधान के आर्टीकल 344/1 एवं 351 का लाभ मिल सकेगा और इन सबसे उपर म.प्र. एवं उ.प्र. में बटे 50 बंुदेलखण्डी जिलों के साढ़े 5करोड़ बंुदेलियों को डेढ़ हजार वर्ष प्राचीन अपनी मातृभाषा का गौरव प्राप्त हो सकेगा। बंुदेली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में षामिल करने सम्बन्धी प्रस्ताव उ.प्र. विधान सभा में सर्वसम्मति से पारित करने के लिऐ मांग की जायेगी

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com