बैठक में डाक्टरों द्वारा अभद्रता करने पर भड़कीं महिला स्वास्थ्य कर्मी

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सीएमओ आफिस में जमकर काटा हंगामा
डाक्टरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की
जिलाध्यक्षा की तहरीर पर देर शाम पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

अपने को किसी मन्त्राी का रिश्तेदार बताने वाले एक डाक्टर ने अपने साथी डा. सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता हो रही बैठक में महिला कर्मचारियों से अभद्रता करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ की जिलाध्यक्षा को लखनऊ तक घसीट ले जाने व मारने की धमकी दी। जिसका विरोध करते हुए महिला स्वास्थ्य कर्मी बैठक का बहिष्कार कर सीधे सीएमओ आफिस पहुंची और डाक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगीं। इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी  कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे   प्रभारी कोतवाल नाराज महिला कर्मचारियों को शान्त कराते हुए कोतवाली ले आए। जहां देर शाम जिलाध्यक्षा की तहरीर पर दोनों डाक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। महिला कर्मचारियेां ने इसकी शिकायत महिला आयोग सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रा के माध्यम से करते हुए शिवरामपुर में चल रहे भ्रष्टाचार व डाक्टर की करतूतों की जांच कराने की मांग की है। महिला कर्मचारियों ने कहा कि यदि अभद्रता करने वाले डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे लोग आन्दोलन करने को मजबूर होंगी।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ की जिलाध्यक्षा श्रीमती शान्ती श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवरामपुर में महिला कर्मचारियों की बैठक हो रही थी। जिसकी अध्यक्षता प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विष्णु मद्धेशिया कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बैठक में मौजूद मीराबाई गुप्ता, मंजू देवी, निशा राठौर, रमा जायसवाल, माया जायसवाल, गोमती देवी, मिथलेश, राधा गुप्ता, ममता शुक्ला, तुलसी देवी, शकुन्तला सिंह, शिवकली देवी, ऊषा तिवारी, आशा विश्वास, सूरजकली सहित कई और ए एन एम ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे डा. मद्धेशिया से शिकायत की कि उन लोगों को आर आई के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों का पैसा कई वषोZं से नहीं मिला है। इसके अलावा क्षेत्रा में तैनात कुछ डाक्टरों द्वारा उनके साथ अभद्रता भी की जाती है। श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि महिला कर्मचारियों द्वारा बैठक के अध्यक्ष प्रभारी चिकित्साधिकारी से शिकायत करने की बात पर वहां मौजूद डा. राजेश सिंह व डा. देवेन्द्र सिंह नाराज हो गए और सभी के साथ अभद्रता करते हुए देख लेने की धमकी दी गई। जिसके बाद बैठक में उपस्थित महिला कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पहुंची। जहां डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी करनी शुरू कर दी। उन्हें हंगामा करते देख सीएमओ आफिस में मजमा लग गया। इस बीच किसी ने उसकी जानकारी पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही  प्रभारी कोतवाल एम पी सिंह, सब इंस्पेक्टर आर के सिंह, कस्बा इंचार्ज ए डी पाण्डेय पुलिस बल के साथ सीएमओ आफिस पहुंचे। जहां अध्यक्षा श्रीमती श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवरामपुर में आयोजित बैठक के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी से क्षेत्रा में तैनात डाक्टरोंक ी करतूत बताने पर वहां मौजूद डा. देवेन्द्र सिंह भड़क गए और अपने को एक मन्त्राी के रिश्तेदार बताते हुए पिटाई करनी शुरू कर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि इसके अलावा डाक्टर ने सचिवालय तक पहचान होने की धमकी देते हुए उन्हें लखनऊ तक घसीट ले जाने की धमकी भी। इसके बाद प्रभारी कोतवाल सभी महिला कर्मचारियों को कोतवाली ले आए और  चिकित्सा स्वा. एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ की जिलाध्यक्षा श्रीमती शान्ती श्रीवास्तव की ओर से डा. देवेंन्द्र सिंह व डा. राजेश सिंह के खिलाफ महिला कर्मचारियों से अभद्रता करने, पिटाई करने व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया। उधर महिला कर्मचारियों ने महिला आयोग सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रा लिख पीएचसी शिवरामपुर में हो रहेे भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जांच करने की मांग की है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि यदि अभद्रता करने वाले दोनों डाक्टरों के खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई नहीं हुई वे सभी एकजुट हो आन्दोलन करने को मजबूर होंगी।