बैंक कर्मियों की गलती का नतीजा भुगत रहा है खाता धारक

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पोस्टिंग करते समय पासबुक में चढ़ा दिया कम वेतन   उच्चाधिकारियो से लगाई न्याय की गुहार

चित्रकूट –  दावे तो किए जाते हैं ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सेवा प्रदान करने के। लेकिन सम्बंधित लोगों की मनमानी के चलते बैंक में आने वाले ग्राहकों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। बैंक ग्राहकों का कहना है कि यदि किसी ने बैंक कर्मियों के कृत्यों का विरोध किया तो उसे तरह-तरह से धमकाया भी जाता है। लोगों ने बैंक के उच्चाधिकारियों से बैंक की शाख गिराने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

गौरतलब है कि जिले में संचालित तुलसी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जो अब इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के नाम से जाना जाता है इसकी कई शाखाएं ग्रामीण इलाकों में कार्यरत हैं। जिनके माध्यम से लोग अपने धन को सुरक्षित रखने के साथ-साथ बैंक से सम्बंधित अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं। इसी के चलते ग्राहकों को हर तरह की सुविधा का ध्यान रखने के लिए बैंक के उच्चाधिकारी समय-समय पर बैंक कर्मियों निर्देश देते रहते हैं। लेकिन बैंक कर्मी ऊपर से मिले निर्देशों के अनुसार ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के बजाए तरह-तरह से परेशान करते हैं। जिसके कारण अपने कार्यों के चलते बैंक आने वाले लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। बैंक कर्मियों की मनमानी से आजिज आ चुके विकास खण्ड पहाड़ी स्थित बीआरसी के पूर्व समन्वयक मानवेन्द्र नाथ ने बताया कि उसका खाता इलाहाबाद यूपी  ग्रामीण बैंक की पहाड़ी शाखा में हैं। और उसी में उसका वेतन मिलता है। उसने बताया कि मई 08 में उसकी पासबुक में वेतन की इंट्री नहीं की गई थी। इसकी जानकारी होते ही उसने बैंक के शाखा प्रबंधक से कई बार पासबुक में पोस्टिंग करने के लिए कहा। उसने बताया कि काफी कहासुनी के बाद उसकी पासबुक में 23 मार्च 09 को पोस्टिंग की गई। इसी तरह सितम्बर 08 के वेतन की पोस्टिंग करने पर 298 रुपये कम दिखाए गए और इसे अभी तक नहीं सुधारा गया। इसके अलावा अगस्त 08 का वेतन भी पोस्ट नहीं किया गया। उसने बताया कि उसने अपनी पासबुक की त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए शाखा प्रबंधक को प्रार्थना पत्र दिया गया तो उसे विभाग से लिखा कर लाने के लिए कहा गया। उसने बताया कि बैंक कर्मियों का कहना है कि जब तक विभागीय अधिकारी लिख कर नहीं देते तब तक उसकी पासबुक की त्राुटियो को नहीं दूर किया जाएगा। उसने कहा कि पासबुक में गिल्तयां बैंक कर्मियों ने की है और उसे नाहक ही परेशान किया जा रहा है। उसने उच्चाधिकारियो से न्याय की गुहार लगाते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उसका कहना है कि यदि बैंक कर्मी इसी तरह अपनी मनमानी करते रहे तो बैंक की शाख को काफी नुकसान पहुंच सकता है। जबकि शाखा प्रबंधक का कहना है कि उनके बैंक में ग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाती है।