बैंकों ने 5.58 करोड़ का ऋण वितरित किया

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चित्रकूट- सूखे से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए जिले के बैंकों ने  मुख्यालय में शिविर लगाकर 1053 किसानों को 5 करोड़ 58 लाख 23 हजार रुपये का ऋण वितरित किया।

मुख्यालय के चित्रकूट इंटर कालेज सभागार में कृषि विभाग व बैंकों के संयुक्त शिविर में अपर जिलाधिकारी परमानंद तिवारी ने किसानों को ऋण का सदुपयोग करने की सलाह दी। मुख्य विकास अधिकारी पी सी श्रीवास्तव ने कहा कि क्रेडिट कार्ड के लाभ व नुकसान दोनों है। किसान इसका सही स्थान पर प्रयोग करें तो लाभ होगा अन्यथा ऋण अदायगी में नुकसान भी हो जाता है। उप कृषि निदेशक मो. आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि अब तक जिले में करीब 80 हजार किसान क्रेडिट कार्ड बन चुके है। अभी 35 हजार किसानों को और लाभ दिया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर कृषि बीमा सुविधा लेने की बात कही। इलाहाबाद बैंक के सहायक महाप्रबंधक आर सी चौधरी ने किसानों को क्रेडिट कार्ड देने के बाद कहा कि जिस मद के लिये पैसा मिला है,उसका प्रयोग उसी काम में किया जाय। कहा कि तमाम किसानों ने बैंक कर्मियों के परेशान करने की शिकायत की है। ऐसी स्थिति दोबारा आने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी एच एन सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी जी पी कुशवाहा व इलाहाबाद बैंक कर्वी के शाखा प्रबंधक अनिल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। शिविर में इलाहाबाद बैंक ने 331 किसानों को 165.94 लाख, स्टेट बैंक ने 103 किसानों को 58.03 लाख, पीएनबी ने 27 किसानों को 9.52 लाख, सेंट्रल बैंक ने आठ किसानों को 4.60 लाख व त्रिवेणी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने सर्वाधिक 561 किसानों को 320.14 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया।

शिविर में हजारों किसानों के आने से सभागार तो छोटा पड़ ही गया साथ ही सारी व्यवस्थाएं भी अस्त-व्यस्त हो गयीं। तमाम किसानों ने बैंक कर्मियों की शिकायत भी की। ग्राम सभा दहिनी के मइयादीन, देवनाथ, शिवबरन, भरतलाल, शारदा आदि ने बताया कि अब तक उनके गांव का काम त्रिवेणी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक बेड़ी पुलिया शाखा में होता था पर अब स्टेट बैंक की सोनेपुर शाखा में हो रहा है। वहां पहुंचने पर बैंक प्रबंधक ने कहा कि यहां भी नहीं है अब यूनियन बैंक जाओ। इस प्रकार ग्रामीण एक महीने से भटक रहे है। उनके किसान क्रेडिट कार्ड नही बन पा रहे हैं।