बेखौफ अवैध खनन जारी है

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झाँसी/एरच  रोक के बाबजूत भी किया जा रहा है अबैध खनन

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(1) पुलिस पर बालू माफिया दिख रहे हैं भारी

(2) सिस्टम पर चल रहा है खनन

(3) लुकेशन पर खड़े रहते हैं लोग

(4) योगी जी के आदेशों को दिखाया जा रहा है ठेंगा

एरच- जिला झाँसी में कस्बा एरच एक गांव है एरच में समूचे क्षेत्र में अवैध खनन जोरो पर चल रहा है जानकारी के अनुसार एरच के आसपास व एरच में रोक के बाबजूत भी अबैध खनन जारी है यहाँ अबैध खनन करने बाले बालू माफिया पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वह पुलिस के नाक के नीचे से क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे हैं और पुलिस उनका कुछ नहीं कर पा रही है या यूं समझें कि पुलिस उनका कुछ करना नहीं चाहती है पर समझ नहीं आ रहा है कि क्या पुलिस किसी नेता के दबाव में है या फिर इस खनन में पुलिस और कुछ अधिकारियों का भी सिस्टम चल रहा है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपने साफ शब्दों में कह चुके हैं कि उनकी तरफ से प्रसासन को खुली छूट दी गई है कि वह अपने हिसाब से सही कार्य करें किसी भी नेता के दबाव में न आयें इसके बावजूद भी सरकारी रोक के बाबजूत भी क्षेत्र में सरकार के आदेशों को ताक पर रखकर अबैध खनन किया जा रहा है कुछ लोगों का कहना है कि यह खनन सिस्टम से किया जा रहा है क्या है यह सिस्टम क्या रोकने बाले भी इस काले कारनामों में शामिल हैं क्या इसी लिए खनन करने बालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है हद तो तब हो गई जब यह जानकारी मिली कि एरच थाने लगभग तीन या चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गेंदा कबूला गांव में वन विभाग की जमीन को खोदकर बालू निकाली जा रही है और ना ही खनन करने बालों को वन विभाग रोक रहा है ना ही पुलिस जब पत्रकार द्वारा गेंदा के कुछ लोगों से बात की गई तो उन्होंने बिना नाम लिए बताया कि किसी को कहना मत वन विभाग की जमीन को खोदकर बालू निकाली जा रही है और दिन में जे सी बी मशीन से बालू का स्टॉक किया जाता है और रात्रि में उसे ट्रकों में भरकर निकाला जाता है और यह गाडि़यां एरच थाने के महज लगभग 100 मीटर की दूरी पर से गुजर तीं हैं और अभी भी बहां कई ट्रक बालू स्टाक पङी है अब देखना है कि क्या इस पर कोई रोक लगती है या यूं ही भष्टाचार की भेंट चढ़ कर वन विभाग की सुन्दरता को नष्ट कर दिया जाता है अगर ऐसे ही प्राकृतिक सौंदर्य को सिस्टम में आकर नष्ट किया गया तो वह दिन दूर नहीं है कि जब क्षेत्र को किसी प्राकृतिक आपदा का शिकार होना पड़ सकता है और कहाँ गये हैं वन विभाग के अधिकारी जो वनों की भूमि को नष्ट होने से नहीं रोक रहे हैं और इस खनन में पूरी रात कुछ लोग सूचना बाले घूमते हैं जिसे लुकेशन कहा जाता है इन सूचना बालो की गाड़ी जगह जगह खड़ी रहती है अगर कोई जिला लेवल का अधिकारी आता है तो यह लोग खनन बाले स्थान पर खबर कर देते हैं जिससे खनन करने बाले दाय वांय हो जाते हैं और यह रात्रि में घूमने वाले लोग कभी भी किसी अन्जान या अकेले व्यक्ति के साथ कोई वारदात भी कर सकते हैं इससे पूर्व में भी क्षेत्र में मारपीट व लूट की कई वारदातें हो चुकी है फिर भी पुलिस इन सूचना देने वालों से जिनकी मोटर साइकिल रात्रि में चौराहे व जगह जगह खड़ी रहती है इनसे यह नहीं पूछती है कि वह कौन है और इतनी रात में क्यों खड़े है अगर ऐसा ही रहा तो यह लोग कुछ भी कर सकते हैं और प्रशासन को कभी भी किसी बड़ी घटना का सामना करना पड़ सकता है

बालमुकुंद