बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी के लिए सभी योजनाओं को युद्धस्तर पर संचालित किया जाए

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खराब प्रगति वाले जनपदों की सूची बनायी जाय

लखनऊ 17 जनवरी , 2018

प्रदेश के लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल मंत्री, प्रो0 एस.पी. सिंह बघेल ने प्रदेश के गिरते भूजल स्तर पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर को बनाये रखने के लिए गम्भीरता से प्रयास किए जायें। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर करने एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता बनाये रखने के लिए चेकडैमों के निर्माण और पम्पसेट वितरण को प्रमुखता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रो0 एस.पी. सिंह बघेल आज सचिवालय स्थित, तिलक हाल में लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करनी है, इसलिए फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई संसाधनों को बढ़ाना होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल स्रोतों का संरक्षण, तालाबों का निर्माण व जीर्णोद्धार, चेकडैमों का निर्माण एवं विभागीय बोरिंग योजनाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में शिथिलता को गम्भीरता से लिया जायेगा। सरकार किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगाी।

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की क्रमवार समीक्षा करते हुए लघु सिंचाई मंत्री ने कहा कि जो जनपद निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहे हैं उन जनपदों के अधिकारियों की अलग से सूची तैयार की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि लघु सिंचाई विभाग की संचालित एवं निर्माणाधीन योजनाओं की निरन्तर निगरानी की जाये ओर जहाँ पर कमियाँ मिलती हैं उसका निराकरण कम से कम समय में सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही पम्पसेट क्रय, बोरिंग कार्य आदि में पूरी पारदर्शिता बरतते हुए हर स्तर पर मानकों का पालन किया जाए। इसके साथ ही टेण्डर संबंधी कार्यों में पूरी पारदर्शिता एवं निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाय।

प्रो0 बघेल ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘‘वन ड्राप मोर क्राॅप’’ के तहत रणनीति बनाकर तालाबों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास तथा निःशुल्क, गहरी एवं मध्यम बोरिंग, सामूहिक नलकूप योजना आदि का विस्तार से समीक्षा की और लाभार्थियों को समय से वाजिब लाभ दिलाने के निर्देश दिये।

बैठक में प्रमुख सचिव, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल सुश्री मोनिका एस. गर्ग ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ समय बाकी हैं। इसलिए अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने में जुट जायं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को गम्भीरता से लिया जायेगा। उन्होंने सामूहिक नलकूप योजना में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों से लघु सिंचाई कार्यों की छठीं संगणना के लिए भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन्स के अनुसार और अधिक व्यवहारिक, उपयोगी एवं स्पष्ट रणनीति बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर समस्याओं के निस्तारण एवं स्थलीय निरीक्षण कर योजनाओं को समय से पूरा कराकर योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुँचाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी हर स्तर पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही विभागीय कार्यों में गति लायें और अपने कार्यशैली में बदलाव लाकर विभाग की छवि को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें।

समीक्षा बैठक में निदेशक, वी.के. उपाध्याय, भूगर्भ जल विभाग, मुख्य अभियन्ता लघु सिंचाई, प्रतीक रंजन चैरसिया, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी, अभिषेक चतुर्वेदी तथा जनपदों से आये अधिकारी उपस्थित थे।

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